एक अक्टूबर से डीजल-पेट्राेल चालित ऑटाे परिचालन के राेक लगने पर शहर में कितने सीएनजी ऑटो और ई-रिक्शा चलेंगे, बुधवार काे आयाेजित बैठक में इसका निर्धारण नहीं हाे सका। किस रूट पर कितना लाेड है, अब सीसी कैमरे से इसे देखने के बाद ही उस रूट पर ऑटाे परिचालन की संख्या निर्धारित की जाएगी। एसडीओ व ट्रैफिक डीएसपी मिलकर यह निर्णय लेंगे कि शहर में किस रूट पर कितने सीएनजी ऑटाे व ई-रिक्शा का परिचालन होगा। इसके बाद डीटीओ इन रूटाें पर परमिट जारी करेंगे। बुधवार काे नगर आयुक्त की अध्यक्षता में इसकाे लेकर बैठक हुई।
डीटीओ सुशील कुमार ने बताया कि अधिकतम 1000 ऑटाे के परिचालन की ही अनुमति दी जाएगी। कहा कि इसमें 600 ई-रिक्शा और 400 सीएनजी ऑटाे काे परमिट देने का विचार किया गया है। हालांकि, इसका अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। बता दें कि, शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण काे कम करने के लिए राज्य सरकार ने एक अक्टूबर से शहरी क्षेत्र में डीजल-पेट्राेल से चलने वाले ऑटाे के परिचालन पर राेक लगा दी जाएगी। शहरी क्षेत्र में सिर्फ सीएनजी ऑटो और ई-रिक्शा ही चलेंगे। भीड अधिक नहीं हाे, इसके लिए नया रूट निर्धारण किया गया है। इस रूट पर भी भीड़ से जाम नहीं लगे और शहरवासियाें काे परेशानी नहीं हाे, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
यूनियन ने दो-तीन नए रूट का दिया प्रस्ताव
बैठक में ऑटाे यूनियन से रूट काे लेकर चर्चा हुई। इसके बाद किस रूट पर कितना ऑटाे चले, उनसे प्रस्ताव मांगा गया। यूनियन की ओर से रूट चार्ट दिया गया। इसमें दाे-तीन नया रूट निर्धारण करने का अनुराेध किया गया है। वहीं शहरी क्षेत्र में 2500 ऑटाे की परमिट देने का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन यह निर्णय हुआ कि सीसी कैमरा से देखने के बाद अगले तीन-चार दिनाें में इसका निर्णय लिया जाएगा। डीटीओ ने कहा कि ई-रिक्शा बिना परमिट के ही चलते हैं। ऐसे में इसकी संख्या अधिक नहीं हाे, इसकी माॅनिटरिंग की जाएगी।




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