सावन की पहली सोमवारी पर मंदिर में पहुंचा नया जोड़ा।
उत्तर बिहार में सुप्रसिद्ध बाबा सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर अरेराज में सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है। इसे लेकर प्रशासन और मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जगह-जगह बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे से सुरक्षा की निगरानी रखी जा रही है। जल चढ़ाने आए कांवरियों के लिए विशेष रहने पेयजल सहित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।
वहीं, मंदिर में आज शादीशुदा नया जोड़ा भी दिखा। उन्होंने शिव जी की पूजा करते हुए मन्नत मांगी। मंदिर के महंत स्वामी रविशंकर गिरि ने बताया कि सात फिट गह्वर में बसे पंचमुखी बाबा सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर जो प्राचीनतम तीर्थ स्थल है।


मंदिर में भक्तों की भीड़।
ऐसी मान्यता है कि जब पांडव वनवास भेजे गए तब धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि राजलक्ष्मी और राज्य सत्ता पुनः कैसे प्राप्त होगी। इस पर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें परामर्श दिया कि अज्ञातवास के क्रम में जब आप विराट नगर की यात्रा पर जाएंगे तो मार्ग में अरण्य राज मिलेगा।

मंदिर में महिलाओं का हुजूम
कहा कि वहीं पर भगवान सोम द्वारा स्थापित सोमेश्वर महादेव का शिवलिंग है। महारानी द्रौपदी और अनुज द्वारा सावन भर प्रवास कर कमल पुष्पों से श्रृंगार और पूजन करने पर राज्य लक्ष्मी के साथ राज्य सत्ता की प्राप्ति होगी। धर्मराज ने वैसा ही किया। कालांतर में उन्हें सब प्राप्त हुआ।

नंदी के कान में विश बोलते भक्त।
सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर पवित्र स्थल के रूप में विख्यात है। ऐसी मान्यता है कि यहां आज भी सच्चे दिल जो मांगी जाती है वह भोले शंकर पूरा करते हैं। यहां केवल हिंदू ही नहीं बल्कि दूसरे धर्मावलंबी भी पुत्र की कामना लेकर जलाभिषेक कर महाश्रृंगार का दर्शन करते हैं। मन चाहा फल पा कर जाते है।



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