मुजफ्फरपुर: बिहार पुलिस महकमे में उस वक्त खलबली मच गई, जब कार्य में लापरवाही बरतना दो थानेदारों को महंगा पड़ गया। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए तुर्की और पारू थाने के थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि अब लापरवाही और मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, जिले में पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त करने के मकसद से एसएसपी इन दिनों अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों तुर्की और पारू थाना का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने कानून के रखवालों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

तुर्की थाना में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। आरोप है कि तुर्की थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक संदीप कुमार महतो ने बिना किसी परिवाद के एक व्यक्ति को थाने में बंद कर रखा था। यही नहीं, न्यायालय द्वारा जारी कुर्की-जप्ती की कार्रवाई को भी लंबित रखा गया था। इसके अलावा रिकॉर्ड संधारण और प्रक्रिया पालन में भी कई खामियां सामने आईं। इन संगीन चूकों को देखते हुए एसएसपी ने तुर्की थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करते हुए सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर डाल दिया।

वहीं, दूसरी ओर पारू थाना भी कार्रवाई की जद में आ गया। पारू थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार पर एक हत्या कांड जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि केस के अनुसंधान और आवश्यक कार्रवाई में ढिलाई बरती गई, जिसे एसएसपी ने कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना। नतीजतन, पारू थानाध्यक्ष को भी निलंबित कर दिया गया।

इस दोहरी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है। गलियारों में यह चर्चा आम है कि एसएसपी अब केवल फाइलों की नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत की जांच कर रहे हैं। संदेश साफ है वर्दी का रुतबा तभी तक है, जब तक कानून की इज्जत कायम रहे।

एक तरफ जहां वरीय अधिकारी सिस्टम को दुरुस्त करने में जुटे हैं, वहीं थानों में तैनात कुछ जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही सख्त कार्रवाई को न्योता दे रही है। दो थानेदारों का निलंबन बाकी सभी थाना प्रभारियों के लिए कड़ी चेतावनी है अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं।



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