MUZAFFARPUR

बीच शहर में नाव लेकर पहुंचे वीआईपी प्रत्याशी उमेश सहनी, बीजेपी प्रत्याशी संजय सरावगी ने कही ये बात

दरभंगा: शहर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने हालात बदतर कर दिए हैं. जगह-जगह जलजमाव से राजनीति तेज हो गई है. दरभंगा टावर चौक पर जलजमाव को लेकर महागठबंधन के वीआईपी प्रत्याशी उमेश सहनी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने एक मछुआरे से जाल फिंकवाया और बाइक चालक से नाव चलवाकर स्थानीय विधायक सह बीजेपी प्रत्याशी संजय सरावगी की पोल खोलने की कोशिश की.

नाव पर सवार होकर जनसंपर्क

बारिश से शहर की सड़कें तालाब बन गई हैं. कई मुख्य इलाकों में जलजमाव इतना बढ़ गया कि पैदल चलना मुश्किल हो गया. इसी स्थिति को उजागर करने के लिए उमेश सहनी अपने चुनाव चिन्ह ‘नाव’ पर सवार होकर दरभंगा टावर चौक तक पहुंचे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “थोड़ी सी बारिश में ही शहर डूब जाता है. टावर जैसे इलाके में लोग पैदल नहीं चल पाते. यह विकास नहीं, उपेक्षा का परिणाम है. इस बार दरभंगा की जनता नैया चुनेगी और असली विकास की शुरुआत होगी.”

बीजेपी प्रत्याशी संजय सरावगी का पलटवार

उमेश सहनी का यह अनोखा प्रचार शहर में चर्चा का विषय बन गया है. वहीं, स्थानीय विधायक सह भाजपा प्रत्याशी संजय सरावगी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह महज दिखावा है. चक्का वाले नाव से विरोध कर रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए. उनके समय में जिला बाढ़ से कई भागों में बंट जाता था. कुशेश्वरस्थान में लोग बाढ़ से त्रस्त रहते थे. अब निदान हुआ है, यह दिखावा है. भारी बारिश में बड़े-बड़े शहरों में जलजमाव होता है. पानी में वोट खोज रहे हैं. 6 नवंबर को जनता उन्हें विदा कर देगी. जनता जागरूक है.

दरभंगा में जलजमाव की पुरानी समस्या

दरभंगा शहर जलजमाव की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है. कम ऊंचाई और अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम के कारण हर मानसून में मुख्य सड़कें और मोहल्ले पानी में डूब जाते हैं. 2020 विधानसभा चुनाव में भी जलजमाव बड़ा मुद्दा था, जब भाजपा के संजय सरावगी ने जीत हासिल की थी. इस बार महागठबंधन ने वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को दरभंगा सीट सौंपी है, जबकि एनडीए में भाजपा ने संजय सरावगी पर फिर भरोसा जताया है. दरभंगा विधानसभा सीट पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होगा.

 

 

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