बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के अंदर मुख्यमंत्री के चेहरे पर जिच खत्म होने के बावजूद घटक दलों के बीच सीटों का विवाद नहीं सुलझ सका। दूसरे चरण के नामांकन वापसी का आखिरी मौका भी गुरुवार को चला गया।

अब 11 विधानसभा सीटों पर राजद, कांग्रेस समेत अन्य दलों के कैंडिडेट के बीच फ्रेंडली फाइट (दोस्ताना संघर्ष) होना तय है। इनमें से 5 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।

महागठबंधन की साझा प्रेस वार्ता के दौरान इस संबंध में गुरुवार को पूछे गए सवाल पर सीपीआई माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ सीटों पर आपस में रणनीतिक मुकाबला होगा। एक-दो प्रतिशत इधर-उधर हो तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, एक-दो प्रत्याशी का पीछे हटना चाहिए। इसलिए यह कोई बड़ी बात नहीं है।

आगामी बिहार चुनाव में राजद और कांग्रेस में 5, कांग्रेस और सीपीआई में 4, राजद और वीआईपी में एक, कांग्रेस और आईआईपी में एक सीट पर आपसी मुकाबला होगा। यानी सबसे ज्यादा कांग्रेस को 9 सीटों पर सहयोगी दलों से ही मुकाबला करना होगा। दूसरे चरण के नाम वापसी की तिथि गुरुवार को समाप्त हो गई। इसी के साथ महागठबंधन प्रत्याशियों की तस्वीर भी साफ हो गई है।

हालांकि, गुरुवार को कांग्रेस प्रत्याशी ने वारिसलीगंज और वीआईपी प्रत्याशी ने बाबूबरही से नाम वापस ले लिया। जिससे दो सीटों पर फ्रेंडली फाइट टल गई।




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