मुजफ्फरपुर: छठ पर्व के पावन अवसर पर लीचीपुरम के कलाकारों ने अपनी अनूठी लीचीपुरम आर्ट के माध्यम से संस्कृति और संवेदना का सुंदर संगम प्रस्तुत किया है।


इन कलाकारों ने छठ महापर्व में प्रयोग होने वाले सूप, डगरी, ठेकुआ एवं अन्य प्रसाद स्वरूप वस्तुओं के लिए आकर्षक पैकिंग मटेरियल तैयार किए हैं।


इस पहल का उद्देश्य केवल कलात्मक प्रदर्शन नहीं, बल्कि लीचीपुरम की सांस्कृतिक पहचान और लीची से जुड़ी स्थानीय अस्मिता को पुनर्जीवित करना है।


कभी 80% तक घट चुके लीची के वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन के लिए यह कला लोगों को प्रकृति और अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश देती है।

इस रचनात्मक कार्य में कलाकार गौरव राज, इंदु सोनी, श्वेता श्रीवास्तव, ज्ञानदीप की छात्राएं एवं अन्य स्थानीय कलाकारों का विशेष योगदान रहा है।

यह प्रयास न केवल छठ पर्व की आस्था को और रंगीन बनाता है, बल्कि लीचीपुरम की कला संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।




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