भागलपुर : नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में टिकट बंटवारे पर घमासान मचा है. भागलपुर से सांसद अजय मंडल ने इस्तीफे की पेशकश की है. सांसद ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, स्थानीय सांसद होने के बावजूद टिकट देने में मेरी किसी भी प्रकार की सलाह नहीं ली गई है. इसलिए मेरा सांसद पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है.

जेडीयू सांसद का नीतीश को पत्र
अपने पत्र में भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल ने लिखा, ”मैं लगभग 20-25 वर्षों से भागलपुर क्षेत्र विधायक एवं सांसद के रूप में जनता की सेवा करता आ रहा हूं. इस लंबे राजनीतिक जीवन में मैंने जेडीयू को अपने परिवार की तरह समझते हुए इसके संगठन, कार्यकर्ता और जनसंपर्क को सुदृढ़ करने का काम किया है.”
ये पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं – अजय कुमार मंडल
उन्होंने आगे लिखा, भागलपुर एवं नवगछिया जिले में जिन अध्यक्ष, प्रभारी और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर हमेशा पार्टी की मजबूती के लिए का करता रहा हूं. परंतु विगत कुछ माह से संगठन में ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो पार्टी और उसन भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं हैं.

‘मैं सांसद, लेकिन सीट बंटवारे में मुझसे चर्चा नहीं’
जेडीयू सांसद ने कहा कि, विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण की प्रक्रिया में स्थानीय सांसद होने के बावजूद मुझसे कोई सलाह या चर्चा नहीं की जा रही है. जिन व्यक्तियों ने कभी पार्टी संगठन के लिए कार्य नहीं किया उन्हें टिकट देने की बात सामने आ रही है, जबकि जिला अपना एवं अनदेखा किया जा रहा है.

‘पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा .. लेकिन आज..’
अजय कुमार मंडल ने कहा कि, जब मैं 2019 में सांसद बना था उस समय पूरे बिहार में विधानसमा उपचुनाव में जेडीयू जितने भी सीटों पर लड़ा था, तब बिहार में केवल मेरा ही सीट मेरे नेतृत्व में विधानसभा उपचुनाव में जीत सुनिश्चित हुआ था. यह पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और जनता के विश्वास का प्रतीक है. लेकिन आज पार्टी के कुछ लोग मेरे लोकसभा क्षेत्र में टिकट बांटने का काम कर रहे है, यह स्थिति दुखद है.

‘सांसद पद से इस्तीफे की अनुमति दें’
अजय कुमार मंडल ने आखिर में लिखा कि, ”इसलिए आत्मसम्मान और संगठन के प्रति सच्ची निष्ठा के साथ में आपसे विनम्र अनुरोध करता हूं कि मुझे अपने सांसद पद से त्याग पत्र देने की अनुमति प्रदान करें.”



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