पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार एनडीए में सीट शेयरिंग की घोषणा सोशल मीडिया के माध्यम से की गई है और अभी भी कुछ सीटों पर पेंच सुलझा नहीं है. एलजेपीआर के कारण कुछ सीटिंग सीट पर बीजेपी और जदयू के बीच विवाद है और इस कारण संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस अब तक नहीं किया जा सका है. ऐसे में एनडीए में एक बार फिर से सीट शेयरिंग फॉर्मूला में बदलाव हो सकता है.

नाराज हैं नीतीश!
सूत्रों की मानें तो एनडीए के सहयोगी दलों में सीटों की संख्या को लेकर नाराजगी थी. जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही 6-6 सीटों से नाखुश हैं. वहीं, नीतीश कुमार इस बात से नाराज हैं कि उन्हें बीजेपी के बराबर की सीटें मिली हैं. एनडीए सीट शेयरिंग में बीजेपी-जेडीयू 101-101 सीट, चिराग पासवान की एलजेपीआर को 29 , जीतनराम मांझी की हम और कुशवाहा की आरएलएम को 6-6 सीटें मिली हैं.

बदलाव के बाद ये हो सकता है नया फॉर्मूला
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी को दूर करने का प्रयास हो रहा है. हो सकता है कि बीजेपी अपने हिस्से की एक सीट हम को दे. बात नहीं बनी तो बीजेपी दोहरे अंक पर आ सकती है. यानि कि 99 सीट पर बीजेपी चुनाव लड़ सकती है. ऐसे में बिहार में जेडीयू बड़े भाई की भूमिका में दिखेगी.

मंगलवार को होती रही बैठक
मंगलवार को पूरे दिन गहमागहमी रही. मुख्यमंत्री आवास से लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास तक और राष्ट्रीय कार्यकारी संजय झा के आवास पर लगातार बैठक होती रही. विधिवत रूप से घोषणा नहीं होने के बावजूद नीतीश कुमार ने पहले चरण के उम्मीदवारों को धड़ाधड़ सिंबल बांटना भी शुरू कर दिया है.

नीतीश ने बांटा सिंबल
नीतीश ने पहले चरण के अधिकांश नेताओं को सिंबल दे दिया है. इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता विजेंद्र यादव एक बार फिर से सुपौल से नामांकन करेंगे. मंगलवार को वह नोमिनेशन करेगे. वहीं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने महनार से नामांकन कर दिया है. मोकामा से अनंत सिंह नामांकन करेंगे. इससे पहले आज अनंत सिंह पूजा-पाठ करते नजर आए.

वहीं सोमवार को भी पूरे दिन बैठक होती रही. ऐसे बीजेपी और जदयू के वरिष्ठ नेता लगातार बैठक कर मामले को सुलझाने में लगे हुए हैं. बिहार बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजय कुमार चौधरी के बीच सोमवार को कई राउंड की बैठक हुई थी.
सोनबरसा सीट पर नाराजगी
नीतीश कुमार की नाराजगी जदयू की कई सीटिंग सीट पर है, जिसे एलजेपीआर को दिया गया है. सोनबरसा से जदयू के रत्नेश सदा विधायक हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी. उनके सीट को लेकर भी चर्चा थी कि उसे लोजपा को दिया गया है लेकिन नीतीश कुमार की तरफ से पार्टी के एमएलसी ललन सरार्फ ने रत्नेश सदा को सिंबल दे दिया है.
तारापुर सीट पर भी टकरार
इसी तरह वैशाली सीट, नालंदा जिले की कुछ सीट पर नीतीश कुमार की नाराजगी है. आधा दर्जन से अधिक सीटें ऐसी हैं जो विवाद में हैं. तारापुर सीट भी जदयू के पास था, लेकिन उसे बीजेपी को देने की बात आ रही थी. तारापुर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद चुनाव लड़ना चाह रहे थे. सम्राट चौधरी के बड़े भाई रोहित चौधरी ने तो बयान भी दिया है कि पूरी तैयारी हो गई है.


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