MUZAFFARPUR

नौकरी नहीं तो वोट नहीं! TRE 4 शिक्षक बहाली पर फूटा युवाओं का गुस्सा, वोट से देंगे सरकार को जवाब

पटना: बिहार में TRE 4 शिक्षक बहाली को लेकर युवाओं का सब्र अब जवाब देता नजर आ रहा है. मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में हुई छात्रों की बैठक में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं ने भाग लिया. बैठक की अगुवाई कर रहे छात्र नेता दिलीप ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि आचार संहिता लागू होने से पहले 1.20 लाख पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो युवा आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए सरकार को करारा जवाब देंगे.

सरकारी बयानों में उलझा बहाली का मामला

छात्र नेता दिलीप ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर चौथे चरण की शिक्षक बहाली जल्द लाने की घोषणा की थी. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 80 हजार पदों पर बहाली की बात कही, वहीं खुद मुख्यमंत्री ने बाद में 1.20 लाख पदों की बहाली दोहराई. बावजूद इसके अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. इधर, शिक्षा मंत्री सिर्फ 26,000 पदों की वैकेंसी की बात कर रहे हैं, जिससे छात्रों में भ्रम और नाराजगी बढ़ गई है.

अलग-अलग बयानों से बढ़ी युवाओं की नाराजगी

सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों ने अभ्यर्थियों की नाराजगी को और भड़का दिया है. छात्रों का कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम लाखों पदों पर बहाली की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री केवल 26 हजार पदों की भर्ती की बात कह रहे हैं. ऐसे विरोधाभासी बयानों से युवाओं में भ्रम की स्थिति है और वे सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं.

छात्रों का सवाल, सरकार चला कौन रहा है?

छात्र नेता दिलीप ने सवाल उठाया कि आखिर राज्य में सरकार चला कौन रहा है. उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद चौथे चरण की शिक्षक बहाली का ऐलान कर चुके हैं, तो अब तक प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं हुई. दिलीप का आरोप है कि या तो अधिकारी मुख्यमंत्री की बात नहीं मान रहे हैं, या फिर सरकार के ही कुछ मंत्री सीएम की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. इससे सरकार की अंदरूनी स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं.

चुनाव में सरकार को सीधी चुनौती देंगे छात्र

छात्रों ने बैठक में निर्णय लिया कि अगर जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. दिलीप ने कहा कि इस बार का सबसे बड़ा फैसला यह है कि छात्र चुनाव में सरकार को सीधी चुनौती देंगे. प्रदेश के लाखों युवा न केवल वोट का बहिष्कार करेंगे, बल्कि सरकार के खिलाफ सक्रिय प्रचार भी करेंगे ताकि बेरोजगारी के मुद्दे को चुनावी मंच पर मजबूती से उठाया जा सके.

निर्दलीय उम्मीदवार बनकर देंगे सरकार को चुनौती

बैठक में छात्रों ने फैसला लिया कि यदि चौथे चरण की शिक्षक बहाली (TRE 4) का नोटिफिकेशन जल्द जारी नहीं किया गया, तो कई छात्र और युवा आगामी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगे. छात्र नेता दिलीप ने कहा कि यह कदम सरकार को सीधा संदेश देने के लिए उठाया जाएगा कि अब युवाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता.

युवाओं की एकजुटता बदल सकती है चुनावी समीकरण

दिलीप ने स्पष्ट किया कि यदि कोई राजनीतिक दल युवाओं से वादे करता है, तो सत्ता में आने के बाद उसे पूरा करना उसकी ज़िम्मेदारी होती है. अगर इस बार भी बहाली की प्रक्रिया टाली गई, तो छात्र वर्ग एकजुट होकर सरकार के खिलाफ खड़ा होगा. उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं और शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में है, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं और इससे चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं.

वोट की ताकत से सरकार को सबक सिखाएंगे युवा

छात्र नेता दिलीप ने बैठक में कहा कि अब युवाओं को स्पष्ट रूप से समझ में आ गया है कि सरकार सिर्फ वादे कर रही है और बहाली को टाल रही है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि युवा केवल सोशल मीडिया पर नाराजगी जताकर रह जाएंगे, तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल होगी. इस बार युवा अपनी नाराजगी वोट की ताकत से जाहिर करेंगे और सरकार को इसका करारा जवाब देंगे.

एनडीए के खिलाफ एकजुट होंगे छात्र

बैठक में मौजूद छात्रों ने एकजुट होकर कहा कि अगर TRE 4 की बहाली आचार संहिता लागू होने से पहले नहीं आती है, तो वे एनडीए को हराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे. छात्रों ने कहा कि चाहे वह वोट का बहिष्कार हो या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना, इस बार सरकार को युवाओं की ताकत का अहसास जरूर कराया जाएगा.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.