MUZAFFARPUR

मुजफ्फरपुर में भारतीय पिछड़ा शोषित संगठन (BPSS) द्वारा सामाजिक परिचर्चा आयोजित

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के आम गोला स्थित (बृजबिहारी लेन) में योगेंद्र कुमार रजक BPSS संयोजक मुजफ्फरपुर इकाई के आवास पर भारतीय संविधान :लोकतंत्र और पिछड़ा वर्ग (एससी /एसटी ,ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय) की सामाजिक, आर्थिक दशा एवं दिशा के विषय पर एक सामाजिक परिचर्चा आयोजित की गई।जिसमें मुख्य रूप से भाग लेने वालों में मान्य व रामाशंकर राय अधिवक्ता एवं न्याय मित्र,डॉक्टर ललन भगत प्रदेश संयोजक, बीपीएसएस , डॉ. विष्णुदेव यादव प्रमंडल संयोजक, वर्णिका पत्रिका के प्रगतिशील प्रोफेसर लालबाबू राय, वीरेंद्र यादव ,मो. रज़ाउल्लाह , कलाकार सुनील कुमार ठाकुर,राजेश्वर प्रसाद गुप्ता ,रेखा कुमारी, प्रमिला देवी,

अनिता साहू, बृजलाल यादव, निखिल रंजन, सुनयना कुमारी, संजय कुमार, राजकुमार गुप्ता, योगेंद्र चौधरी, मानवी कश्यप, मनोज कुमार रजक, अर्चना शर्मा इत्यादि लोगों ने भाग लिया और अपनी बातें रखी। सभी लोगों द्वारा रखी गई बातों का निष्कर्ष इस रूप में आया कि देश में शासक जातियों के द्वारा समतामूलक समाज निर्माण करने वाला, सभी धर्मों के प्रति सम्मान और कमजोर , उपेक्षित लोगों के जीवन यापन का प्राकृतिक अधिकार सुरक्षित करने वाले भारतीय संविधान को आज समाप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है। देश में हिंदुत्व के नाम पर ब्राह्मणवादी शक्तियां वर्चस्व स्थापित कर चुकी है। ऐसी स्थिति में देश के लोकतंत्र,आम लोगों के सोचने -समझने की वैज्ञानिक चिंतन एवं धर्मनिरपेक्षता पर खतरा बढ़ता जा रहा है। जाति- धर्म,अवैज्ञानिक चिंतन,

धार्मिक अंधविश्वास व कर्मकांड से ग्रस्त एवं रूढ़िवाद के खिलाफ समाज के अंदर राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले, माता शेख फातिमा, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, पेरियार ई. वी. रामासामी जैसे हमारे महापुरुषों ने अपने वैचारिक आंदोलन के माध्यम से आधुनिक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष भारत का निर्माण किया।आज इस आधुनिक भारत के राष्ट्रीय स्वरूप को ब्राह्मणवादी शक्तियां ध्वस्त करने पर तुली है। इसप्रकार अपने देश और समाज की हिफाजत, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए समाज के सभी प्रबुद्ध वर्ग के लोगों, महिला -पुरुषों , छात्र- नौजवानों को आगे आना होगा।इसी से अपने समाज की वर्तमान एवं भविष्य की पीढियों की रक्षा की जा सकती है। समाज में राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले एवं बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा पर आधारित सामाजिक न्याय की लड़ाई को तेज करना होगा। सभी वर्गों की समानुपातिक अधिकार दिलाने के लिए जातीय जनगणना का होना आवश्यक है,जिससे वर्तमान भाजपा सरकार भाग रही है । उसके लिए हम सभी को जन जागरण का अभियान विभिन्न क्षेत्रों में चलाना होगा।इसी से हम अपने देश के संविधान और कमजोर तबके के अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में मान्यवर संतोष सारंग जी ने कहा समाज के पढ़े- लिखे छात्र- नौजवानों, बुद्धिजीवियों, माता- बहनों -बेटियों को अपने समाज की हिफाजत के लिए आगे आना होगा। हिंदुत्व के नाम पर एनडीए के द्वारा फैलाई जा रहे गलत भ्रामक कथा कहानियों (नैरेटिव)का पर्दाफाश करना होगा। धर्म के नाम पर ब्राह्मणों के हाथों ठगे जाने से स्वयं बचने और समाज की दूसरी माताओं-बहनों को बचाने के लिए निर्भीकतापूर्वक ऐसे कर्मकांड और तीज त्योहारों को छोड़ना होगा। समाज की बेहतर राजनीति के लिए घर में बैठे हुए अच्छे सचरित्र, ईमानदार लोगों को संकल्प लेकर साहसपूर्वक आगे आना होगा। अपने महापुरुषों के विचारों के आधार पर सभी जाति- धर्म ,वर्ग की हिफाजत और विकास के लिए बनाए गए संविधान की रक्षा करनी होगी । आज हमारा समाज भयंकर संकट के दौर से गुजर रहा है। मुट्ठी भर लोग जो इस व्यवस्था में लाभान्वित है, वह अपने लाभ और सत्ता लोभ के लिए पूरे समाज को संकट में डाल रहे हैं । इसलिए ऐसी घटिया राजनीति को मजबूत करने वाले जाति के नेताओं से दूर ही रहना चाहिए।कार्यक्रम के अंत में मान्यवर योगेंद्र रजक ने आए हुए सभी प्रतिभागियों के प्रति अपना आभार प्रकट किया।

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