MUZAFFARPUR

क्लास नहीं करेंगे, परीक्षा जरूर देंगे; DMCH में बवाल, प्रिंसिपल को बंधक बनाया; इंचार्ज का इस्तीफा

दरभंगा : दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में क्लास में निर्धारित उपस्थिति से कम हाजिरी की वजह से परीक्षा से रोकने के खिलाफ मेडिकल स्टूडेंट्स ने बवाल कर दिया है। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में तोड़फोड़ की और डीएमसीएच के प्रिंसिपल को बंधक बना लिया, जिसके बाद प्रोफेसर इंचार्ज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डीएमसीएच में स्थिति तनावपूर्ण है। पुलिस की टीम कैंप कर रही है।

गुरुवार को उग्र छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय में तोड़फोड़ की। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए कई थानों की पुलिस को वहां बुलाया गया। सिटी एसपी अशोक कुमार और सदर एसडीपीओ राजीव कुमार भी वहां पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद प्राचार्य को कार्यालय से निकाला जा सका। इस दौरान कॉलेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। छात्रों के व्यवहार से व्यथित होकर प्रोफेसर इंचार्ज, स्टूडेंट्स सेक्शन डॉ. हरि दामोदर सिंह ने प्रभार से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने एंटी रैगिंग सेल से भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सभी अतिरिक्त प्रभार को त्याग दिया है।

सूत्रों के अनुसार, अटेंडेंस का प्रतिशत पूरा नहीं होने के कारण वर्ष 2021-22 के दर्जनों छात्रों को इंटरनल परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया गया है। इसके अलावा 2023 बैच के 25 और 2024 बैच के छह छात्रों को यूनिवर्सिटी परीक्षा के लिए फॉर्म भरने से वंचित कर दिए जाने का आरोप है। दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक छात्र ने आरोप लगाया कि छात्र यहां अपने-अपने बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाते हैं। बाद में उन्हें कहा जाता है कि रजिस्टर पर उनका अटेंडेंस नहीं है। कॉलेज प्रशासन छात्रों के करियर से खिलवाड़ कर रहा है।

ओपीडी सेवा ठप कर दी

इधर, विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को डीएमसीएच जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अस्पताल में ओपीडी सेवा को ठप कर दिया। इससे करीब 1500 मरीजों को इलाज कराए बिना लौटना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुरोध के बावजूद छात्रों ने ओपीडी का ताला नहीं खोला।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.