MUZAFFARPUR

बिहार में आंधी-बारिश का खतरा! मौसम विभाग ने 1 दर्जन जिलों में जारी किया अलर्ट

पटना: बिहार में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. मौसम विभाग, पटना ने गुरुवार को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. राजधानी पटना सहित जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और खगड़िया जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

पिछले 24 घंटों में भारी बारिश

बीते 24 घंटों में बिहार के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है. शिवहर, सीवान, नालंदा, बेतिया, रक्सौल, समस्तीपुर और गोपालगंज जैसे जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति देखी गई, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रहने की आशंका जताई है.

नदियों के जलस्तर में वृद्धि

लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है. कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने भी नदियों के किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है.

दक्षिणी जिलों में भी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने दक्षिणी बिहार के जिलों जैसे भभुआ और लखीसराय में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. राजधानी पटना में भी गुरुवार को बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि आंधी और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है.

तापमान में गिरावट का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के कारण राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है. इससे मौसम सुहाना हो सकता है, लेकिन नमी के स्तर में वृद्धि के कारण उमस भी बढ़ सकती है. लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.

बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो-प्रेशर क्षेत्र के मजबूत होने के कारण बिहार में नमी का स्तर बढ़ गया है. इस वजह से मानसून ने फिर से सक्रियता दिखाई है. यह स्थिति 20 सितंबर तक बनी रह सकती है, जिसके चलते राज्य में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
नवरात्रि से पहले बारिश की चुनौती
नवरात्रि के आगमन से पहले मानसून की यह सक्रियता बिहार के लिए चुनौती बन सकती है. भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव, यातायात बाधित होने और बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं. प्रशासन को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है.
जनता से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है. खुले स्थानों पर न रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है. साथ ही, किसानों को भी अपनी फसलों को बारिश से बचाने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी गई है.

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