बिहार : बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी गठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। एनडीए और महागठबंधन में शामिल दल अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए अपने सहयोगियों पर दवाब बना रहे हैं। इस बीच महागठबंधन में सीट शेयरिंग से पहले महासंग्राम छिड़ गया है। सीपीआई माले में 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा पेश कर दिया है। माले के इस दावे के बाद महागठबंधन में टेंशन बढ़ गई है।

दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर महागठबंधन में सीटों की दावेदारी शुरू हो गई है। कांग्रेस और वीआईपी के बाद अब सीपीआई (एमएल) यानी माले ने भी 40 सीटों पर दावा ठोक दिया है। पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल ने कहा है कि माले को 40 सीटें चाहिए, जिनकी लिस्ट महागठबंधन नेतृत्व को सौंप दिया गया है।

मोतिहारी में बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित कर सीपीआई (एमएल) के राज्य सचिव कॉमरेड कुणाल ने इसकी जानकारी मीडिया को दी है। कॉमरेड कुणाल ने कहा है कि उनकी पार्टी ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है। उनकी तरफ से इसकी लिस्ट महागठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जहां से उनकी पार्टी को लड़ाया गया वहां महागठबंधन को मजबूती मिली है। पार्टी के साथ साथ महागठबंधन को भी इसका फायदा मिला है।

बता दें कि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस पहले ही 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी मंशा जाहिर कर चुकी है। वहीं मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने भी 60 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा पेश कर चुकी है। पार्टी के चीफ मुकेश सहनी ने तो खुद को डिप्टी सीएम पद का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।

चुनाव से पहले ही सहनी लगातार सार्वजनिक मंच से खुद को महागठबंधन का डिप्टी सीएम उम्मीदवार बता रहे हैं। अब महागठबंधन में शामिल माले ने भी 40 सीटों की लिस्ट को-ऑर्डिनेशन कमेटी को सौंप दी है। ऐसे में सीटों के बंटवारे को लेकर आरजेडी और तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ती दिख रही है।





Leave a Reply