पटना: हाल ही में जारी किए गए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 रिपोर्ट ने बिहार को गर्व का एक और अवसर दिया है. लंबे समय से पिछड़ते माने जा रहे बिहार के इंजीनियरिंग संस्थानों की इस बार स्थिति सुधरी है. राजधानी पटना स्थित IIT पटना ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी छलांग लगाई है, जबकि NIT पटना ने भी स्थिरता और सुधार के संकेत दिए हैं. हालांकि पटना विश्वविद्यालय पिछले वर्ष स्टेट यूनिवर्सिटी कैटेगरी में 51 से 100 वां स्थान के बैंड में था, लेकिन इस बार रैंकिंग 100 से बाहर रही है.

देश के टॉप 5 इंजीनियरिंग संस्थान
इस बार की इंजीनियरिंग श्रेणी की टॉप-5 सूची में देश के वही संस्थान शामिल रहे हैं, जो लगातार नवाचार और शोध के लिए जाने जाते हैं. IIT मद्रास, IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IISc बेंगलुरु और IIT कानपुर टॉप 5 इंजीनियरिंग कॉलेज की सूची में है. ये संस्थान वर्षों से उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं और छात्र इनकी ओर सबसे पहले आकर्षित होते हैं.

IIT पटना का ऐतिहासिक प्रदर्शन
बिहार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि IIT पटना का उभार है. पिछले वर्ष यह संस्थान कुल रैंकिंग में 73वें स्थान पर था, जबकि इस बार 36वें स्थान पर पहुंच गया है. इंजीनियरिंग की अलग सूची में इसका प्रदर्शन और भी बेहतर रहा है, जहां यह 34वें स्थान से 19वें स्थान पर आया है. यह अब न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत का प्रमुख तकनीकी केंद्र बनकर उभरा है. IIT पटना की प्रगति शोध परियोजनाओं, उद्योगों से सहयोग, और छात्रों की बेहतर प्लेसमेंट उपलब्धियों पर आधारित है. संस्थान ने हाल के वर्षों में कई अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिनसे इसकी राष्ट्रीय साख में इजाफा हुआ है.
NIT पटना ने भी रखा भरोसा
बिहार की तकनीकी शिक्षा का दूसरा बड़ा केंद्र NIT पटना भी इस बार इंजीनियरिंग श्रेणी में 53वें स्थान पर रहा है. हालांकि इसकी कुल रैंकिंग 101–150 के बैंड में रही, लेकिन इंजीनियरिंग की रैंकिंग यह दिखाती है कि संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है और भविष्य में और सुधार की संभावना है.

एग्रीकल्चर, लॉ और मैनेजमेंट में स्थिति बेहतर
वहीं, मेडिकल की स्थिति की बात करें तो पटना एम्स 26वें स्थान से 27वें स्थान पर पहुंच गया है. यह एक स्थान की गिरावट है, जबकि लॉ कॉलेज में सिएनएलयू ने लंबी छलांग लगाई है और 31 वें पायदान से 17 वें पायदान पर पहुंचा है. एग्रीकल्चर साइंस के संस्थानों में पूसा का राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय 29वें पायदान से 14वें पायदान पर पहुंचा है और सबौर के बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को 36 वां स्थान मिला है. मैनेजमेंट कॉलेज की श्रेणी में आईआईएम बोध गया भी 33 स्थान से 31 स्थान पर पहुंचा है और आर्किटेक्चर के क्षेत्र में NIT पटना ने देशभर में 13वां स्थान हासिल किया है.

पहले स्थान पर बेंगलुरु का कब्जा
बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा मंत्रालय की ओर से एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 जारी की गई है. जिसमें देशभर के टॉप कॉलेजों की लिस्ट जारी हुई है. खासबात ये है कि इस बार 17 अलग-अलग कैटेगरी में रैंकिंग दी गई है. इस लिस्ट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु को पहला स्थान मिला है. वहीं, दूसरे स्थान पर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU है, जबकि मणिपाल इंस्टीटयूट ने तीसरा स्थान हासिल किया है. इसके अलावा चौथे स्थान पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली और पांचवे स्थान पर दिल्ली यूनिवर्सिटी है.



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