मुज़फ्फरपुर: मुज़फ्फरपुर स्थित एक निजी विवाह भवन सभागार महिला सशक्तिकरण की गूंज से सराबोर रहा। जहां समृद्धि फाउंडेशन की अध्यक्ष स्मृति सिंह के बेहतरीन प्रयास से “वीरांगना सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन हुआ।


समारोह का शुभारंभ संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मानित राजकुमारी देवी (किसान चाची जी), नगर उपमहापौर डॉ. मोनालिसा, एल.एन.टी. कॉलेज की प्राचार्य एवं भाजपा नेत्री डॉ. ममता रानी, सामाजिक कार्यकर्ता रंजन कुमार और स्मृति सिंह सहित कई गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान स्मृति सिंह ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र, पौधा एवं हनुमान जी की तस्वीर देकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया।


इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से आईं 51 वीरांगनाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। यह पल महिलाओं की उपलब्धियों और संघर्षों को नया आयाम देने वाला साबित हुआ।


कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब आयोजक स्मृति सिंह ने अपनी मां को मंच पर बुलाकर उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “आज जो कुछ भी मैं कर पा रही हूँ, उसमें मेरी मां का हर कदम पर दिया गया सहयोग सबसे बड़ी ताकत है।

” यह दृश्य देखकर पूरा सभागार भावुक हो उठा और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का मंच संचालन शिवम चंद्रवंशी ने किया, जिनकी ऊर्जा और बेहतरीन प्रस्तुति की सभी ने सराहना की।

गणमान्य अतिथियों की प्रेरणादायक बातें
पद्मश्री किसान चाची राजकुमारी देवी – “आज वीरांगनाओं का यह सम्मान वास्तव में पूरे समाज का सम्मान है। महिलाएं जब आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज प्रगति करता है।”
उप महापौर डॉ. मोनालिसा – “समृद्धि फाउंडेशन का यह प्रयास महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा।”
डॉ. ममता रानी, प्राचार्य एल.एन.टी. कॉलेज एवं भाजपा नेत्री – “इस मंच से सम्मानित हो रही हर वीरांगना नई पीढ़ी की आदर्श हैं। हमें ऐसी पहलों को और प्रोत्साहित करना चाहिए।”


रंजन कुमार – “आज हम सभी ने देखा कि किस तरह विभिन्न क्षेत्रों की वीरांगनाएं अपनी मेहनत से बदलाव ला रही हैं। यही असली परिवर्तनकारी शक्ति है।”
स्मृति सिंह, अध्यक्ष समृद्धि फाउंडेशन – “मेरा सपना है कि समाज की हर महिला आत्मनिर्भर बने और सम्मान की रोशनी में जीवन जिए। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक कदम है।”
यह आयोजन महिला शक्ति को नमन, मातृत्व का सम्मान और उनके संघर्षों को सलाम देने का अद्भुत उदाहरण बनकर इतिहास में दर्ज हो गया।




Leave a Reply