पटना : राजधानी के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाली घटना का खुलासा हुआ। 6 अगस्त को सुरक्षा जांच के दौरान अहमदाबाद जाने वाले एक यात्री के हैंड बैग से जिंदा कारतूस बरामद हुआ। यह बरामदगी न केवल एयरपोर्ट सुरक्षा में सतर्कता का प्रमाण बनी, बल्कि यात्री के लिए जेल की सलाखों तक का सफर भी तय कर गई।

खगौल निवासी अंकित स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-718 से अहमदाबाद रवाना होने वाले थे। उनका टिकट कन्फर्म था और वह ट्रेनिंग के सिलसिले में यात्रा पर निकल रहे थे। लेकिन चेक-इन और बोर्डिंग से पहले जैसे ही उनका हैंड बैग सीआईएसएफ के स्कैनर से गुज़रा, मॉनिटर पर संदिग्ध आकृति ने अलार्म बजा दिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

सीआईएसएफ के जवानों ने तुरंत अंकित को हिरासत में ले लिया और एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में अंकित यह नहीं बता सके कि उनके बैग में कारतूस कैसे पहुंचा। और तो और, उनके पास किसी भी प्रकार का हथियार का लाइसेंस भी नहीं था। यह तथ्य पुलिस के लिए संदेह को और गहरा कर गया।

हवाई अड्डा थाना प्रभारी के अनुसार, हवाई यात्रा के दौरान हथियार, कारतूस या किसी भी प्रकार का विस्फोटक सामग्री लाने-ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है। यह नियम न केवल विमान की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एविएशन प्रोटोकॉल का हिस्सा भी है। अंकित की यह लापरवाही या जानबूझकर किया गया अपराध (जांच लंबित) दोनों ही कानून की नज़र में गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।

एयरपोर्ट पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को औपचारिक कागजी कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को यह घटना सार्वजनिक होते ही एयरपोर्ट सुरक्षा को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।






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