सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में आज 8 अगस्त को होने वाले मंदिर आधारशिला समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई है. इस अवसर के लिए तिरुपति से आए विशेष कारीगरों ने 11 पवित्र नदियों के जल का उपयोग कर 11,000 लोगों के लिए लड्डू प्रसाद तैयार किया है. वहीं गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुनौरा धाम में मंदिर की आधारशिला रखेंगे.

11 पवित्र नदियों के जल का हुआ इस्तेमाल
आयोजन समिति के सदस्य विनोद शाह ने बताया कि यह लड्डू भक्तों के लिए प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा. वहीं आधारशिला स्थल को पवित्र करने के लिए भी इन 11 नदियों के जल का उपयोग किया गया है. यह अनूठी पहल भक्तों में विशेष उत्साह पैदा कर रही है. इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है.

मां जानकी की कृपा से संभव हुआ विकास
विनोद शाह ने बताया कि पुनौरा धाम के विकास की मांग लंबे समय से की जा रही थी. मां जानकी की कृपा और स्थानीय लोगों के समर्थन से यह स्वप्न अब साकार हो रहा है. आधारशिला समारोह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा देगा. इस आयोजन से पुनौरा धाम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है.

माता सीता की रसोई का पुनरारंभ
आयोजन के साथ ही माता सीता की रसोई को भी फिर से शुरू किया गया है. तिरुपति से आए श्री राम मुर्शिद ने बताया कि पहले बंद पड़ी इस रसोई को आचार्य कुणाल ट्रस्ट ने तिरुपति से आए हलवाइयों की मदद से फिर से शुरू कर दिया है. अब इस रसोई के माध्यम से रोजाना 800 लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.
जानकी रसोई में भक्तों के लिए मुफ्त भोजन
जानकी रसोई के माध्यम से पुनौरा धाम में देश-विदेश से आने वाले भक्तों को मुफ्त भोजन उपलब्ध होगा. श्री राम मुर्शिद ने कहा कि यह सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो मंदिर दर्शन के लिए लंबी यात्रा करके आते हैं.
जिला प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन ने एक रोड मैप जारी करते हुए लगमा, विश्वनाथपुर चौक, कांटा चौक, विशाल चौक और गौशाला चौक पर नो-एंट्री लागू करने की घोषणा की है. केवल पास धारक व्यक्तियों को ही इन क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति होगी. आयोजन समाप्त होने के बाद नो-एंट्री हटा ली जाएगी.
पुनौरा धाम का उज्ज्वल भविष्य
पुनौरा धाम का यह आधारशिला समारोह न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर के विकास से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. मां जानकी के प्रति भक्तों की आस्था को देखते हुए यह आयोजन एक ऐतिहासिक क्षण बनने जा रहा है, जो पुनौरा धाम को वैश्विक धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित करेगा.
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