MUZAFFARPUR

खेत-घर डूबे, फसलें बर्बाद, 10 हजार लोग नजरबंद, भोजपुर के ज्ञानपुर गांव में भारी तबाही

भोजपुर: बिहार में बारिश का सिलसिला जारी है. जिससे गंगा समेत अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है. इसी क्रम में भोजपुर जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीन प्रखंड प्रभावित हैं. आलम ये है कि खेत-खलिहान और सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हैं. करीब 10 हजार लोग गांव में नजरबंद हैं. जिससे किसी भी आपात स्थिति में उनका बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में ईटीवी भारत ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात की,जिसे वो शायद ही भूल पाएं.

बाढ़ से ये गांव प्रभावित

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शाहपुर का जवईनिया गांव है, जहां सैकड़ों घर गंगा में समाहित हो गए हैं. दूसरी ओर बड़हरा प्रखंड का नेकनाम टोला,खवासपुर,महुदई,फरहदा, एकवना और करजा गांव बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है. इस साल यह दो हफ्तों में दूसरी बार है, जब गंगा का जलस्तर बढ़ा है.

सड़कें हुई जलमग्न

स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव का जिला और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट चुका है. गांव में आने-जाने वाले सभी चारों रास्तों पर दो से आठ फीट तक पानी भरा हुआ है. उन्होंने बताया कि एनएच से होकर गांव के भीतर जाने वाली सड़क भी जलमग्न हो चुकी है, जबकि कायमनगर होते हुए बांध और स्कूल जाने वाले रास्तों पर पांच से तीन फुट पानी भरा है.

पशुओं के लिए चारा का संकट
बाढ़ की सबसे बड़ी मार किसानों और पशुपालकों पर पड़ी है. अधिकतर खेत और बधार जलमग्न हैं. जिससे सैकड़ों एकड़ से अधिक में लगी फसल पूरी तरह डूब गई है. गांव के निचले इलाकों में लगाई गई सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल भी तबाह हो चुकी है. पशुओं के चारे के लिए लोगों को नदी पार कर दूर-दराज के इलाकों से चारा लाना पड़ रहा है.
इन जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात
बता दें कि भारी बारिश से पटना और बक्सर जिलों में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. वहां भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बक्सर जिले में कुछ दिन पहले गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 28.77 सेमी ऊपर पहुंच गया था. जिससे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था. साथ ही गांवों का मुख्य पथ से संपर्क भी टूट गया था.

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