मुजफ्फरपुर: नगर निगम क्षेत्र की महापौर ने एक कड़े संदेश के साथ स्पष्ट किया है कि शहर के विकास कार्यों में बाधा डालने वालों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वे नगर की 2.85 लाख जनता के प्रति न सिर्फ जवाबदेह हैं, बल्कि उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरने के लिए कटिबद्ध भी हैं। महापौर ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में समेकित और समुचित विकास के लिए सैकड़ों योजनाएं बनाकर निविदा प्रक्रिया के जरिए उन्हें जमीन पर उतारा गया है।

नल-जल योजनाओं से लेकर नालियों व गलियों के निर्माण तक, हर क्षेत्र में ठोस पहल की गई है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि उनकी पहल पर करीब 850 योजनाओं को चिह्नित कर नगर आयुक्त को सूचीबद्ध कराया गया, जिन्हें एक साथ स्वीकृति दिलाई गई है ताकि प्रोपोर्शनल और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

इसके साथ ही पिछले डेढ़ माह में ही करीब 200 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अधिकांश का निविदा निष्पादन हो चुका है। कई परियोजनाएं जमीन पर शुरू हो चुकी हैं, जबकि कुछ कार्यादेश की प्रक्रिया में हैं। लेकिन इन सबके बीच, उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि कुछ विकास विरोधी तत्व, जो अपने निजी स्वार्थों के चलते पीछे छूट गए हैं, अब जनहितकारी कार्यों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। “ये वही लोग हैं जिन्हें जनता का भला देखना रास नहीं आता। लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहती कि विकास में रोड़ा बने तो बख्शे नहीं जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक और विवेकशील है। वह सच्चाई को समझती है और अफवाहों से गुमराह नहीं होगी। “मुज़फ्फरपुर में विकास की गंगा बह रही है, और यह न केवल देखने योग्य है, बल्कि जनता स्वयं महापौर ने नागरिकों से अपील की कि अगर किसी को कोई भी समस्या हो, तो वे उनसे सीधे संपर्क करें।

“आपका सहयोग मेरी शक्ति है, और मैं आपके हर सवाल के लिए जवाबदेह हूं। लेकिन जो विकास को रोकने की कोशिश करेगा, उसे क़ानूनी और प्रशासनिक तरीके से करारा जवाब मिलेगा,” उन्होंने सख़्त चेतावनी दी। महापौर का यह अल्टीमेटम न केवल विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साफ कर देता है कि मुज़फ्फरपुर अब ठहराव नहीं, तेज़ी से आगे बढ़ने का नाम है।







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