MUZAFFARPUR

सीता मंदिर शिलान्यास से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया स्थल निरीक्षण, जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम में इतिहास रचने को तत्पर बिहार

सीतामढ़ी : जनकनंदिनी जानकी की पावन जन्मस्थली सीतामढ़ी के पुनौरा धाम पर एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 8 अगस्त को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तावित माता जानकी मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों का जायज़ा लेने हेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य मंत्रियों के साथ पुनौरा धाम पहुंचकर स्थल का गंभीर निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सबसे पहले माता सीता के गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धा से पूजा-अर्चना की तथा धूप-दीप जलाकर लोकमाता जानकी को नमन किया। पूजन के उपरांत उन्होंने शिलान्यास स्थल की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पंडाल की मजबूती, वीआईपी मंच की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, तथा श्रद्धालुओं के आवागमन जैसे सभी बिंदुओं पर जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य संबद्ध एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यवस्था अधूरी न रहे। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक गौरव से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर है। इसकी भव्यता में कोई भी कोताही स्वीकार नहीं होगी।”

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री संजय झा, सांसद लवली आनंद, पूर्व सांसद आनंद मोहन, शिवहर विधायक चेतन आनंद, समेत कई प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए यह निर्देश दिया कि वीआईपी आगंतुकों और आम श्रद्धालुओं दोनों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि पुनौरा धाम के विकास को लेकर राज्य सरकार प्रतिबद्ध है, और यह मंदिर निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक अस्मिता का केंद्र बनेगा।

बता दें  कि 8 अगस्त को होने वाले शिलान्यास में देश की 11 प्रमुख नदियों के पवित्र जल से सीता मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बनेगा। इस पावन अवसर पर न केवल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बल्कि कई प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियाँ भी सम्मिलित होंगी।

पुनौरा धाम, जो माँ जानकी के जन्मस्थली के रूप में आदरणीय और पूजनीय रहा है, अब एक वैभवशाली और सुव्यवस्थित तीर्थक्षेत्र के रूप में देश के धार्मिक नक़्शे पर और भी प्रखर रूप से उभरेगा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.