विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण पर पटना से नई दिल्ली तक हो रहे भारी विरोध और हंगामे के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं और राजनीतिक दलों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने कहा है कि किसी भी मतदाता या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को 1 अगस्त से 1 सितंबर तक एक महीने का समय मिलेगा ताकि वे किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवा सकें।

भारत निर्वाचन आयोग ने साफ किया कि एसआईआर आदेश के पृष्ठ 3 पर पैरा 7(5) के अनुसार किसी भी मतदाता या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को 1 अगस्त से 1 सितंबर तक एक महीने का समय मिलेगा, ताकि वे किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवा सकें, यदि उनके नाम बीएलओ/बीएलए द्वारा छोड़ दिया गया हो या गलत तरीके से बीएलओ/बीएलए द्वारा नाम शामिल किया गया हो।

बिहार में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत घर-घर जाकर जांच करने पर निर्वाचन अधिकारियों ने अब तक पाया है कि 52 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर मौजूद नहीं हैं और 18 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम भागीदारी को देखते हुए मतदाता सूची विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत मतगणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाकर फिलहाल 26 जुलाई तक की गई है।









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