मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर से आयुष्मान कार्ड में धांधली का मामला सामने आया है। जहां बतया जा रहा है की ब्रह्मपुरा निवासी चन्द्रशेखर कुमार ‘चन्दू’ की अचानक ह्दयाघात की समस्या हुई। जिसके बाद परिजनों ने नजदीकी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। जहाँ उनके परिवार ने एक लाख रुपये जमा करवाकर इलाज शुरु की गई।


वहीं उनकी बेटी का कहना है कि जब जितनी दवाये बाहर से मंगवाई गई उसे उन्होंने ला-लाकर दिया। सबकुछ ठीक चल रहा था मरिज मे सुधार की बात डाक्टर अंशुमन अग्रवाल के द्वारा बताई गई तथा आईसीयू के अंदर के स्टाफ भी जल्द स्वस्थ्य होने की बात बताते रहे परन्तु दिनांक 21जुलाई को मरिज के एक परिचित द्वारा आयुष्मान कार्ड की सेवा बहाल किये जाने की गुजारिश के बाद डाक्टर अंशुमन अग्रवाल ने उन्हें अपने चेम्बर में बुलाकर बेटी और दामाद की बहुत बेइज्जती की।


जब बेटी दामाद ने डॉक्टर के पैर पकड़कर, गिड़गिड़ा कर माफी माँगा उसके बाद डाक्टर ने अपनी चिकित्सा जारी की। साथ ही यह शर्त रखा की मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत पंजीकृत करके किया जायेगा लेकिन दवा सादे कागज़ पर मंगवायेंगे और इसकी बिलिंग मरीज के नाम नही करके किसी परिजन के नाम पर होगी।


इतना ही नहीं परिजनों का कहना है कि डाक्टर के आदेशानुसार मरीज का जीवन रक्षक प्रणाली यंत्र को बिना किसी परिजन को बताये हटा दिया गया। जब इसकी सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची, तब कार्यरत कर्मियों द्वारा जीवन रक्षक प्रणाली को लगाई जाने लगी। लेकिन इस दौरान मरीज चन्द्रशेखर कुमार ‘चन्दू’ की मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में ही हंगामा शुरू कर दिया है और प्रसाशन से न्याय की मांग की है।





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