MUZAFFARPUR

बारिश ने बिगाड़ी पटना की सूरत, बोरिंग रोड पर विशाल पेड़ गिरने से मची अफरातफरी, मौसम विभाग का जारी हुआ अलर्ट

सावन के शुरू होते ही  बिहार में बारिश का इंतजार भी खत्म हुआ है. खासकर पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना सहित बिहार के अधिकांश जिलों में बारिश और तेज हवा चलने से लोगों को मानसून के आगमन का इस वर्ष पहली बार अंदाजा हुआ है. वहीं बारिश शुरू होते ही बुधवार को पटना की सूरत भी बिगड़ने लगी है. कई सड़कों पर कुछ घंटों की मामूली बारिश में जलजमाव से आम लोगों को परेशानी बढ़ी तो तेज हवा चलने से कई जगहों पर पेड़ और पेड़ की टहनियां गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

पटना के पॉश इलाके बोरिंग रोड में एक विशाल पेड़ गिरने से अफ़रा तफरी मच गई। पटना नगर निगम की तरफ से कटे पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है ।इलाके की बिजली काट दी गई है। फिलहाल पेड़ गिरने से इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है. स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ गिरने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. इससे बुधवार सुबह से करीब 3 घंटे तक बोरिंग रोड के एक बड़े हिस्से में वाहनों का आवागमन बाधित रहा. वहीं बिजली काट दिए जाने के कारण आम लोगों को उमस भरी गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ी.

मानसून का विकराल रुप

वहीं अब बिहार में मानसून का विकराल रूप सामने आने लगा है। 15 जुलाई को पटना समेत प्रदेश भर में हुई बारिश महज एक ट्रेलर थी। असली कहर बुधवार को बरपने वाला है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने आज पूरे बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। इस सीजन में पहली बार बिहार में इतनी तेज और मूसलधार बारिश देखने को मिल रही है। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

38 जिलों में भारी बारिश की आशंका

IMD के मुताबिक, आज रोहतास और भभुआ जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। जबकि बक्सर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और बांका में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण समेत पटना, गया, पूर्णिया सहित सभी 33 अन्य जिलों में भी बारिश होने की संभावना है।

आकाशीय बिजली का ऑरेंज अलर्ट

भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में आज आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।

 बाढ़ का खतरा बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से बिहार और आसपास के राज्यों की नदियां उफान पर हैं। गंगा, कोसी, कमला और गंडक सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी वॉर्निंग लेवल को पार कर चुकी है, जबकि मुंगेर में यह खतरे के निशान से सिर्फ 2 मीटर नीचे है। नदियों की रफ्तार अब डराने लगी है और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मानसून अब राहत के बजाय विनाशकारी आपदा की आहट लेकर आया है। मौसम विभाग ने लोगों को अपने घरों में रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।

ट्रफ लाइन बिहार से होकर गुजर रही

बारिश में इतनी बढ़ोतरी का मुख्य कारण यह है कि इस समय मानसून ट्रफ लाइन बिहार के ऊपर से गुजर रही है। झारखंड और दक्षिण बिहार के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र नमी की मात्रा बढ़ा रहा है, जिससे बादल तेजी से बन रहे हैं और मूसलधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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