पटना: बिहार राज्य निर्वाचन आयोग देश में पहली बार ई-वोटिंग का प्रयोग करने जा रहा है. इसका इस्तेमाल नगर पालिका आम और उप निर्वाचन में किया जा रहा है. तीन जिलों के 6 नगर पंचायत में मुख्य पार्षद, उपमुख पार्षद और वार्ड पार्षद के चुनाव में ई वोटिंग का प्रयोग होगा. इ-वोटिंग के लिए मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन का काम चल रहा है, जो 23 जून तक चलेगा. वहीं नगर निकायों में रजिस्ट्रेशन 13 जून से शुरू हुआ है, जो 22 जून तक चलेगा. वहीं, 30 जून को काउंटिंग होगी.

बिहार में पहली बार मोबाइल से मतदान
अभी तक 10 हजार मतदाताओं ने अपना रिजिस्ट्रेशन इ-वोटिंग से करने के लिए कराया है. इनमें से करीब 1800 मतदाता मतदाता छह नगर पालिकाओं में होनेवाले आम निर्वाचन के लिए आवेदन किया है. इसी प्रकार से करीब 8200 मतदाताओं ने उप चुनाव में मतदान के लिए ई-वोटिंग के लिए आवेदन किया है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद के अनुसार नगरपालिका आम चुनाव और उप-चुनाव में ई-वोटिंग के लिए कुल लक्षित मतदाताओं की संख्या 50200 है. इसमें छह नगरपालिका आम चुनाव में 16400 मतदाता, जबकि उप चुनाव में 33800 मतदाता ई-वोटिंग के लिए लक्षित किया गया है. ई-वोटिंग से चुनाव पूरी तरह सुरक्षित होगा.

9 जुलाई को पंचायत उप चुनाव
बिहार में पंचायत उप चुनाव के लिए 2634 सीटों पर 9 जुलाई को वोट डाला जाएगा लेकिन उससे पहले 28 जून को तीन जिलों की 6 नगर पंचायत में तीन पदों के लिए और 28 जिलों के 48 नगर निकायों में कुल 51 सीटों के लिए उपचुनाव होगा. जहां ई-वोटिंग की अनुमति दी गई है.

उसमें पटना जिले की नगर पंचायत खुसरूपुर, नौबतपुर और विक्रम है. इसके अलावे पूर्वी चंपारण के नगर महेशी, पकरी दयाल और रोहतास का कोचस शामिल है. वहीं बांका, बक्सर, गया, सारण और सिवान जिले के नगर पालिका उपचुनाव में भी वोटिंग का प्रयोग किया जाएगा.

राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद के अनुसार कुल वोटरों की संख्या 4.16 लाख है. इसमें से 50000 के करीब ई-वोटिंग का लक्ष्य तय किया गया है. अभी तक 10000 से अधिक मतदाताओं ने ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है. उन्होंने कहा कि देश में सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग बिहार राज्य निर्वाचन आयोग कर रहा है. अब तक बायोमेट्रिक और फैसियल रिकॉग्निशन सिस्टम से मतदाता पहचान, ईवीएम से मतदान, ब्रज गृह में डिजिटल लॉक, ओसीआर से मतगणना और परिणाम तैयार करना और संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का डिजिटलीकारण आयोग की उपलब्धि रही है.

दो ऐप किए गए डेवलप
दीपक प्रसाद ने बताया कि अब उसी कड़ी में ई वोटिंग का प्रयोग करने हम लोग जा रहे हैं. इसके लिए दो ऐप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. ई-वोटिंग के लिए ‘eVoting SECBIHAR’ या ‘eVoting SECBHR’ ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और फिर मतदान दे सकते हैं. ई-वोटिंग के लिए राज्य चुनाव आयोग ने टोल फ्री नंबर (18003457243) जारी किया है, जिससे कोई भी जानकारी ले सकता है.

क्या है ई-वोटिंग का मकसद?
राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि ई-वोटिंग का मकसद वोटिंग का प्रतिशत बढ़ाना है. ई-वोटिंग के तहत कौन वोट डालेंगे, प्राथमिकता तय की गई है. एक मोबाइल से दो लोग रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और इस मोबाइल से फिर उन्हें मतदान करना होगा.

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से सुरक्षित होगा, क्योंकि ई-वोटिंग से एक बार वोट होने के बाद वह लॉक हो जाएगा और मतदान के दिन ही उसे खोला जाएगा. किसी को यह पता नहीं चलेगा कि किसने किसको वोट डाला है.





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