पटना : लोगों की अक्सर शिकायत रहती है कि बिहार आने में हवाई जहाज का किराया बहुत ज्यादा रहता है. अन्य राज्यों की अपेक्षा उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है. ऐसे में नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.

‘अब हवाई जहाज से बिहार आना होगा सस्ता’ : मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में, वायुयान में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले एटीएफ पर वैट की दर सरकार ने घटाई है.

एटीएफ की वैट की दर 29% से घटाकर 4% किया गया है. कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ का कहना है कि इससे जहां एक ओर किराया कम होगा, वहीं विमानों की संख्या भी बढ़ेगी.

7 सालों के प्रयास के बाद VAT घटा
बता दें कि, बिहार में पटना के अलावा दरभंगा और गया एयरपोर्ट से विमान के उड़ान का संचालन होता है. नीतीश सरकार के एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट घटने से इन एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या बढ़ेगी. 7 सालों के प्रयास के बाद नीतीश सरकार ने वैट की दर घटाने का फैसला लिया है. यह वायुयान संगठन निदेशालय की मांग पर हुआ है.

2018 से 29% रहा है वैट की दर
नीतीश सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लागू वैट की दर 29% से घटाकर 4% कर दिया है. वायुयान में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले एटीएफ पर वैट की दर राज्य में शुरू से 29% रही है. एटीएफ पर वैट की दर कम किए जाने के संबंध में 2018 में पहल की गई थी.

जब रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS) के तहत वैट की दर एक प्रतिशत की गई थी. इस दिशा में दूसरा कदम 2022 में उठाया गया जब गया एयरपोर्ट के लिए एटीएफ पर वैट की दर 4% कर दी गई, अन्य मामलों में वैट की दर 29% रही है.

‘अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक प्रभाव’ : इस क्रम में वायुयान संगठन निदेशालय द्वारा यह जानकारी दी गई कि एटीएफ पर वैट की दर कम किए जाने से बिहार, अन्य राज्यों के वायुवान के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करेगा. इसके साथ ही हवाई संपर्क में वृद्धि होगी. यह भी कहा गया कि जिन राज्यों द्वारा एटीएफ पर वैट की दर कम की गई है, वहां हवाई यात्रा की संख्या में वृद्धि हुई है. राज्य की अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं. इसलिए एटीएफ पर वैट की दर घटाने का अनुरोध किया गया.

नीतीश सरकार द्वारा इस पर चर्चा के बाद रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम हेतु पूर्व से लागू एटीएफ पर वैट की दर एक प्रतिशत को स्थावत रखते हुए अन्य सभी मामलों में राज्य में एटीएफ पर वैट की दर को 29% से घटाकर 4% किये जाने का फैसला लिया गया है.

बिहार में फिलहाल पूर्णिया एयरपोर्ट पर भी काम तेजी से चल रहा है. बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण की भी आधारशिला रखी गई है. आने वाले दिनों में आधा दर्जन से अधिक शहरों राजगीर, भगलपुर, मधुबनी मुजफ्फरपुर, बाल्मीकि नगर, बीरपुर, सहरसा और मुंगेर में भी छोटे विमान के संचालन के लिए एयरपोर्ट बनाने का फैसला लिया गया है.

फिलहाल सबसे अधिक विमान का संचालन पटना एयरपोर्ट से हो रहा है. नए टर्मिनल के शुरू हो जाने के बाद 45 से विमान की संख्या बढ़कर 75 हो जाएगी. साथ ही यात्रियों की आवाजाही पूरे साल में एक करोड़ तक पहुंचाने की उम्मीद है.




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