पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई. सही समय पर इलाज नहीं हो पाने के कारण पीड़िता ने पटना स्थित पीएमसीएच में दम तोड़ दिया. इस शर्मनाक घटना को लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.

दलित बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत पर बिहार से लेकर दिल्ली तक विरोध शुरू हो गया है. अब उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

कब बदलेगा बिहार?
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस घटना पर दुख जताया है. साथ ही राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘बिहार के जिला मुजफ्फरपुर में दलित नाबालिग के साथ दुष्कर्म व उसे चाकू से गोद कर मारने तथा फिर पटना अस्पताल में उसके इलाज में देरी/लापरवाही से हुई मौत की ताजा घटना राज्य की भी बदहाल कानून व स्वास्थ्य व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है, जोकि अति-निन्दनीय एवं चिन्तनीय है. बिहार कब बदलेगा?

दलित बच्ची के साथ हुई हैवानित
ये मामला मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के एक गांव का है. जहां 26 मई की दोपहर जब बच्ची की मां सो रही थी, तभी एक शख्स आया और उसे मौसी के पास ले जाने का लालच देकर साइकिल पर बिठा लिया. घर से दूर ले जाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर चाकू घोंपकर पेट फाड़ दिया.

बाद में ग्रामीणों की सूचना पर आरोपी की पहचान हुई. आरोपी मछली बेचने के लिए गांव आता था. सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गुनाह कबूल किया और उस जगह पर ले गया, जहां बच्ची तड़प रही थी.

पीएमसीएच में बच्ची ने तोड़ा दम: परिवारवालों ने बच्ची को मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में भर्ती कराया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 31 मई की सुबह पीएमसीएच रेफर कर दिया.

उसी दिन दोपहर 3:15 बजे उसे पीएमसीएच के आईसीयू में भर्ती किया गया लेकिन अगले दिन यानी रविवार की सुबह 8:15 बजे बच्ची की मौत हो गई.

हालांकि परिजनों का आरोप है कि पीएमसीएच में भर्ती कराने में देरी की गई. 3-4 घंटे तक एंबुलेंस में ही रखा गया. अगर समय रहते इलाज शुरू हो जाता तो बच्ची की जान बच सकती थी.

हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि बच्ची की हालत पहले से ही काफी खराब थी.


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