MUZAFFARPUR

अनुष्का यादव के भाई आकाश की चेतावनी- ‘हालात बिगड़े तो ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी कुछ नहीं कर पाएंगे’

पटना : रश्मिरथी में रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने कृष्ण की चेतावनी को अपने शब्दों में लिखा था, ‘दो न्याय अगर तो आधा दो, पर इसमें भी यदि बाधा हो, तो दे दो केवल पांच ग्राम, रक्खो अपनी धरती तमाम… जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है..” कुछ इसी तरह के शब्द आजकल अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव के मुंह से सुनने को मिल रहा है.

‘ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी कुछ नहीं कर पाएंगे’ : आकाश यादव ने चेतावनी भरे लहजों में कहा है कि अगर लालू परिवार समय रहते सबकुछ टीक नहीं करता है तो हालात बिगड़ जाएंगे. ऐसी परिस्थिति में ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी कुछ नहीं कर पाएंगे. आकाश यादव का कहना है कि तेज प्रताप यादव, लालू परिवार में ‘सूर्यवंशम’ फिल्म के ‘हीरा ठाकुर’ की तरह हैं और लालू यादव ‘ठाकुर भानु प्रताप सिंह’ की भूमिका में हैं.

‘तेज प्रताप यादव मेरे घर आते थे’ : दरअसल, तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव के रिश्ते जगजाहिर होने के बाद आकाश यादव सामने आए. उन्होंने कहा कि मेरी बहन के साथ तेज प्रताप यादव के संबंध हैं. वह हमारे घर भी आते थे. यही नहीं उनकी बहन और जीजा जी भी मेरे घर आ चुके हैं.

तेज प्रताप की बात को घर में नहीं सुना जाता’ : आकाश यादव का कहना है कि मेरी बहन अनुष्का तभी सामने आएगी जब तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव खुद सामने आकर कुछ कहेंगे.

आकाश ने तो यहां तक कहा कि तेज प्रताप यादव की बात को घर में नहीं सुना जाता. तभी वह अपनी बातों को सोशल मीडिया में आकर कहते हैं. यही नहीं दबाव डालकर उनके पोस्ट को डिलीट भी करवाया जाता है.

क्या है पूरा मामला? 

दरअसल, 24 मई की शाम को तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट से तहलका मचा दिया था. फेसबुक पर पोस्ट किया और लिखा कि अनुष्का यादव के साथ मैं 12 साल से रिश्ते में हूं. हालांकि रात होते-होते उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया. फिर एक्स पर लिखा कि उनके अकाउंट को हैक किया गया था.

हालांकि अगले दिन यानी 25 मई को आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. यही नहीं परिवार से भी अलग करने की घोषणा कर दी.

इसके बाद तेजस्वी यादव के साथ-साथ मीसा भारती और रोहिणी आचार्य भी अपने पिता की बातों में हामी भरते नजर आए.

आकाश को RLJP ने बाहर निकाला 

इधर, आकाश यादव के बयानों को लेकर कार्रवाई भी की गई है. पशुपति पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. मतलब राजनीति हर जगह से हो रही है.

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