MUZAFFARPUR

शिक्षक बनना होगा आसान, हर जिले में नीतीश सरकार करने जा रही है यह काम

बिहार में शिक्षक बनने का सपना रखनेवाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। नीतीश सरकार ने हर जिले में एक मॉडल बीएड कॉलेज शुरू करने का फैसला लिया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देश के आलोक में प्रस्ताव तैयार किया है।

इसके मुताबिक मॉडल बीएड कॉलेज में 120 सीटें होंगी। मतलब हर साल इन कॉलेजों से 16,560 स्टूडेंट बीएड की डिग्री हासिल करेंगे। इस बीएड कॉलेज में छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।

साथ ही, पहले से संचालित सरकारी बीएड कॉलेजों में अब बीएड के साथ-साथ बीए, बीएससी और बीकाम जैसे अन्य पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।

बीएड कॉलेजों में छात्रों के लिए खुलेंगे संसाधन केंद्र

इसके अतिरिक्त नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बीएड कॉलेजों में संसाधन केंद्र खोलने संबंधी प्रस्ताव को भी शिक्षा विभाग ने तैयार किया है। इस प्रस्ताव के आलोक में छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री तैयार करने और बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने के तरीके सिखाए जाएंगे।

यह बदलाव चालू शैक्षणिक सत्र-2025 से लागू किया जाना है। इसके आलोक में शिक्षा विभाग ने सभी बीएड कॉलेजों को संकायवार तैयारी करने को कहा है।

काउंसलिंग को विषय के रूप में किया जाएगा शामिल

शिक्षा विभाग के मुताबिक काउंसलिंग को महत्वपूर्ण विषय के रूप में बीएड के पाठ्यक्रम में जोड़ने का निर्देश दिया है। यह कदम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा लागू गाइडलाइन के आलोक में उठाया गया है।

इतना ही नहीं जल्द ही काउंसलिंग में विशेष बीएड कोर्स की भी शुरुआत की जाएगी। यह फैसला भी लिया गया है कि छात्र-छात्राओं की समस्याओं और मानसिक तनाव के मद्देनजर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

सभी संस्थानों में बीएड इन काउंसलिंग कोर्स शुरू किए जाएंगे। जिन छात्रों ने साइकोलाजी या इससे संबंधित पढ़ाई की होगी, वे बीएड इन काउंसलिंग के लिए योग्य माने जाएंगे।

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