पटना: केंद्र की मोदी सरकार देश में जाति जनगणना कराएगी. आज नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आज फैसला किया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए. वहीं इस फैसले पर बिहार के तमाम नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

नीतीश ने किया फैसले का स्वागत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि जाति जनगणना हमलोगों की पुरानी मांग रही है.

इससे तमाम वर्गों के लोगों की संख्या का पता चलेगा और उसके बाद उनके विकास के लिए योजना बनाने में मदद मिलेगी. सीएम ने कहा कि कास्ट सेंसस से देश के विकास को भी गति मिलेगी.

क्या बोले तेजस्वी?: वहीं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इसे समाजवादियों की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि यह हमलोगों की 30 साल पुरानी मांग रही है. इसके लेकर हमलोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी लेकिन तब हमारे प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि आखिरकार केंद्र सरकार को हमलोगों की ताकत को समझते हुए जाति जनगणना करने पर हामी भरनी पड़ी. उन्होंने कहा कि जैसे दलित और आदिवासियों भाईयों के लिए आरक्षित सीटें हैं, उसी प्रकार से देश की विधानसभाओं में पिछड़ों और अति पिछड़ों के लिए आरक्षित सीटों की मांग को लेकर आगली लड़ाई शुरू करेंगे.

चिराग ने जताया पीएम का आभार
केंद्रीय मंत्री और एलजेपीआर चीफ चिराग पासवान ने पिछले कुछ सालों में जातीय जनगणना को लेकर मेरे और केंद्र सरकार के बीच कई भ्रांतियां फैलाई गईं लेकिन आज का निर्णय इन सभी अफवाहों का स्पष्ट जवाब है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम देश के समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा. इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार जताता हूं.


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