मुजफ्फरपुर: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से देश में उबाल है. भारत सरकार ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पाकिस्तान के साथ समझौते भी रद्द किए जा रहे हैं. इसी के साथ-साथ 48 घंटे के अंदर पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है. सरकार के फरमान से इतर मुजफ्फरपुर के रहने वाले आफताब आलम की परेशानी इससे उलट है. उनकी पाकिस्तानी पत्नी अभी मायके में हैं, ऐसे में वह इस बात से परेशान हैं कि अब आगे क्या होगा?

पत्नी पाकिस्तान में, शौहर परेशान: औराई के भाकपा माले नेता आफताब आलम की पत्नी सायना कौसर और बेटी आफिया दो महीने पहले भारत से पाकिस्तान गईं थीं. बेटी पाकिस्तान के निजी विद्यालय में पांचवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है, जबकि पत्नी पाकिस्तान के कॉलेज में प्रोफेसर है. आफताब ने बताया कि 22 नवंबर 2024 को उनकी पत्नी और बेटी घर (मुजफ्फरपुर) आईं थी. उसके बाद 25 फरवरी की बेटी के साथ मेरी पत्नी अटारी बोर्ड होते हुए पाकिस्तान के नॉर्थ कराची स्थित अपने मायके लौट गई थी.

कैसे हुई थी शादी?: आफताब आलम बताते हैं कि उनकी पत्नी सायना कौसर असल में उनकी बुआ की बेटी है. मेरी बुआ के ससुरालवाले पहले सीतामढ़ी जिले के बेलसंड में रहते थे. फुआ के ससुर बंग्लादेश में रेल अधिकारी थे तो सभी लोग वहीं चले गए. उसके बाद जब पाकिस्तान और बंग्लादेश का बंटवारा हुआ तो उस समय वे सभी लोग पाकिस्तान चले गए थे. बीच-बीच में उनलोगों से फोन पर बातचीत होती रहती थी. बाद में मेरी शादी 2012 में बुआ की बेटी से हो गई. मेरी बेटी का जन्म भी पाकिस्तान में ही हुआ था.

‘लॉन्ग टर्म वीजा के लिए किया था अप्लाई’: भाकपा माले नेता आफताब आलम के मुताबिक शादी के बाद वह चाहते थे कि उनकी पत्नी कौसर भी हमेशा के लिए भारत में मेरे साथ रहें लेकिन लॉन्ग टर्म वीजा नहीं होने के कारण ये संभव नहीं हो पाया. उनका कहना है कि उन्होंने एलटीवी (लॉन्ग टर्म वीजा) के लिए 6 बार आवेदन दिया था लेकिन उसे मंजूर नहीं किया. वे कहते हैं कि पत्नी जब भी बेटी के साथ भारत आती थी, तब 6 महीने से लेकर साल भर रहती थी लेकिन उसके बाद उसे वापस जाना पड़ता था.

‘भारत पसंद है पत्नी-बेटी को’: भाकपा माले नेता आफताब आलम ने बताया कि मेरी बेटी का जन्म तो पाकिस्तान में हुआ था लेकिन फिर भी उसे भारत का नैनीताल और दार्जिलिंग शहर पसंद है. उसे वहां घूमने काफी अच्छा लगता है. वहीं बिहार का फेमस त्यौहार छठ पूजा मेरी बेटी और पत्नी को काफी पसंद है. कई बार वह छठ पूजा में बिहार में रहीं है और उसका प्रसाद भी खाती थी.

क्या चाहते हैं अब?: आफताब आलम कहते हैं कि उनकी पत्नी और बेटी पाकिस्तान में है. फिलहाल दोनों देशों के बीच जैसा रिश्ता है, वैसे में पत्नी और बेटी के लिए चिंता तो है लेकिन देश पहले है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से वह यही चाहते हैं कि पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें, ताकि फिर कभी कोई भारत पर हमले की हिम्मत ना करे.

क्या है केंद्र सरकार का आदेश: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को जल्द से जल्द भारत छोड़ने का फरमान जारी किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश से वापस भेजने के मुद्दे पर राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों से बात भी की है.
क्या है एलटीवी वीजा और उसके प्रावधान?: एलटीवी यानी लॉन्ग टर्म वीजा असल में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को जारी किया जाता है. इसके अलावे वैसी पाकिस्तानी या फिर बांग्लादेशी महिलाएं भी इसके लिए आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने भारतीय पुरुषों से शादी की है. एलटीवी आमतौर पर 5 साल के लिए जारी किया जाता है लेकिन उस परिस्थिति में जब किसी व्यक्ति को भारत को लेकर उसके लगाव के लिए ये वीजा जारी होता है तो फिर उसकी अवधि अधिकतम एक साल की होती है.


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