MUZAFFARPUR

बिहार के पूर्व कृषि मंत्री ने लगाया आरोप, कहा अधिकारियों की लापरवाही से गया में गहराया जल संकट

बढ़ती गर्मी को लेकर गया जिला में सूखा व जलसंकट की समस्या उत्पन हो रही है। पहाड़ी इलाके में रहने वाले लोगों को भयंकर जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।

बोधगया विधानसभा के साथ पूरे जिले में गरीब,दलित एवं अन्य सभी लोगों के लिए पानी की समस्या दिन प्रतिदिन चुनौती बनती जा रही है।

इसका सबसे बड़ा जिम्मेवार पीएचईडी को बताया जा रहा है। गया जिले के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का लापरवाही का नतीजा है कि इस जिले को सबसे सूखाग्रस्त जिले में घोषित किया जाता है।

गुरुवार को बिहार के पूर्व कृषि मंत्री सह बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया की नल जल योजना का कार्य लोक स्वास्थ अभियंत्रण विभाग तथा पंचायती राज विभाग द्वारा कराया गया।

लेकिन ये सभी योजना रखरखाव के अभाव में बंद की स्थिति में आ गई है। जिसके कारण लोगों को पानी पीने में समस्या उत्पन हो रही है। उन्होंने कहा की गया जिलान्तर्गत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमण्डल गया एवं शेरघाटी के तहत मेरे पूर्व के अनुशंसा के आलोक में छुटे हुए क्षेत्रों में नल जल योजना के तहत लगभ 17 पंचायत के 163 वार्ड, गाँव एवं टोलों में (जिसमें बोधगया प्रखण्ड के 3 पंचायतों के 9 वार्ड-टोला, टंकुप्पा प्रखण्ड के 5 पंचायतों में 65 वार्ड-टोला तथा फ़तेहपुर प्रखण्ड के 9 पंचायतों में 89 वार्ड-टोला) में स्वीकृती उपरान्त पिछले वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में ही संविदा निकाला गया था। परन्तु अभी तक संविदा का निष्पादन नहीं किया गया हैं।

उन्होंने गया जिले के पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बोधगया में पच्छटी पुल के पास इतना जाम की समस्या है। यातायात थाना और बोधगया थाना की पुलिस की लापरवाही का नतीजा है कि लोगों को चार चार घंटे जाम में रहना पड़ता है।

उन्होंने पहलगाम कांड में मरने वाले लोगों के लिए संवेदना प्रकट किया है। इस देश के दुश्मन जो इतनी नीच और घिनौनी घटना का अंजाम दिया है। उसे भी उन्हीं की भाषा में जवाब देने की बात कही है।

 

 

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