बिहार के दरभंगा शहर में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर अब स्पष्ट प्रगति देखी जा रही है। यह परियोजना न सिर्फ दरभंगा शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि उत्तर बिहार को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

इस परियोजना के तहत पहले चरण में 12.70 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं।

हाल ही में दरभंगा के जिला पदाधिकारी (DM) राजीव रौशन की अध्यक्षता में मेट्रो निर्माण कंपनी, राइट्स लिमिटेड और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BSRDC) के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) से लहेरियासराय तक का मेट्रो मार्ग अंडरग्राउंड बनाया जाएगा।

यह निर्णय विशेष रूप से इस इलाके की भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। डीएम राजीव रौशन ने कहा कि “हमने अधिकारियों से आग्रह किया है कि मेट्रो रूट का सबसे व्यस्त हिस्सा अंडरग्राउंड रखा जाए, जिससे स्थानीय लोगों को निर्माण और संचालन दोनों के दौरान न्यूनतम असुविधा हो।”

मेट्रो रूट में शामिल होंगे ये 12 स्टेशन
दरभंगा मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण में जो 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, वे हैं:
दरभंगा एयरपोर्ट
दिल्ली मोड़ रानीपुर
पीटीसी
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU)
दरभंगा रेलवे स्टेशन
होलीक्रॉस स्कूल
दोनार चौक
डीएमसीएच (Darbhanga Medical College & Hospital)
लहेरियासराय
जिला कोर्ट
खाजासराय
पंडासराय व रामनगर आईटीआई
इनमें से LNMU से लहेरियासराय तक का सेक्शन अंडरग्राउंड होगा, जबकि शेष स्टेशन एलीवेटेड या ग्राउंड लेवल पर होंगे।

दूसरे कॉरिडोर में होंगे ये स्टेशन
परियोजना के दूसरे फेज में कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे जो लहेरियासराय समाहरणालय से शुरू होकर एम्स निर्माण स्थल सोभन तक जाएंगे। ये स्टेशन इस प्रकार हैं:
लहेरियासराय समाहरणालय
सैदनगर
एकमी घाट
चित्रगुप्त नगर
एफ-1
एफ-2
एम्स निर्माण स्थल (सोभन)
इस रूट से दरभंगा के स्वास्थ्य और प्रशासनिक केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक परिवहन मिलेगा।

मेट्रो निर्माण में तेजी, बार-बार हो रही बैठकें
बीते कुछ महीनों से BSRDC और राइट्स लिमिटेड के अधिकारी दरभंगा में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में अब तक कई विशेष बैठकें की जा चुकी हैं, जिनमें परियोजना के तकनीकी पहलुओं, निर्माण से जुड़ी बाधाओं और यातायात प्रबंधन पर गहन चर्चा की गई है।

विशेष रूप से वीआईपी और घनी आबादी वाले इलाकों में मेट्रो निर्माण के दौरान न्यूनतम विघ्न और अधिकतम सुविधा के उद्देश्य से योजनाएं बनाई जा रही हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मेट्रो निर्माण के दौरान स्थानीय नागरिकों को परेशानी न हो और परियोजना समय पर पूरी की जाए।



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