पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ बिल को लेकर हाल ही में भड़की हिंसा ने बिहार की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है। इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नीतीश कुमार और चंद्र बाबू नायडू पर दिए गए बयान ने राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है।ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार और चंद्र बाबू नायडू को लेकर टिप्पणियाँ की हैं।

उनका यह बयान उन मुद्दों पर केंद्रित था जो वर्तमान में बिहार और अन्य राज्यों में राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं। ममता का कहना था कि नीतीश कुमार और चंद्र बाबू नायडू ने वक्फ बिल पर चुप्पी साध रखे हैं। इसे सब लोग देख रहे हैं। उन्होंने वक्फ बिल पर जेडीयू की ओर से नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी को जेडीयू द्वारा समर्थन देने की भी चर्चा की।

इस बयान पर बिहार की जनता लद यूनाइटेड पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज कुमार सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को नीतीश कुमार को कोई नसीहत नहीं देनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया और इस मुद्दे पर नीतीश कुमार और चंद्र बाबू नायडू की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद इस गंभीर स्थिति पर कुछ नहीं कह रहे हैं. इस बयान के बाद,जदयू ने ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें नीतीश कुमार को सलाह देने का कोई अधिकार नहीं है.

जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार को ममता बनर्जी से सलाह लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में शांति और कानून व्यवस्था बनी हुई है, जबकि पश्चिम बंगाल में स्थिति गंभीर है। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ है, जबकि बंगाल में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं.

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी अपने राज्य की स्थिति को संभालने में असफल रही हैं और उनके द्वारा दिए गए बयानों का कोई महत्व नहीं है.




Leave a Reply