बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस. सिद्धार्थ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। आज यानी गुरुवार की सुबह 8 बजे की एक खास तस्वीर में वे CESSNA 172 विमान में अकेले उड़ान भरते नजर आए, जिससे यह साबित होता है कि वे आज भी खुद को एक छात्र ही मानते हैं। बता दें कि एस सिद्धार्थ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि

सीखने की कोई उम्र नहीं…
डॉ. सिद्धार्थ ने अपने एरोनॉटिकल कौशल को निखारते हुए यह संदेश दिया कि निरंतर सीखते रहना ही जीवन की असली सफलता है। उन्होंने कहा, “सीखने की न तो कोई उम्र होती है, न ही कोई सीमा। हम जब तक एक छात्र की भूमिका में रहते हैं, तभी अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठता को प्राप्त कर सकते हैं।”

एस सिद्धार्थ की खास अपील
उनकी इस प्रेरणादायक उड़ान ने न केवल प्रशासनिक हलकों में चर्चा बटोरी है, बल्कि युवाओं और आम नागरिकों को भी यह संदेश दिया है कि सपनों की कोई सीमा नहीं बस उन्हें जिंदा रखने की जरूरत है। एस सिद्धार्थ ने अपनी तस्वीर शेयर कर लिखा कि, “तो आइए,” “हम भी अपने सीखने की चाह को जिंदा रखें और अपने सपनों को साकार करें।”

काम में लापरवाही बर्दास्त नही
मालूम हो कि एसीएस सिद्धार्थ अपनी सादगी और एक्शन के लिए जाने जाते हैं। एसीएस एस सिद्धार्थ जितने शालीन स्वभाव के और जमीन से जुडे़ अधिकारी हैं काम को लेकर उतने ही सख्त हैं।


काम के प्रति लापरवाही एस सिद्धार्थ बर्दास्त नहीं करते हैं। इन दिनों शिक्षा विभाग को सुधारने के लिए एस सिद्धार्थ एक के बाद एक नया फरमान जारी करते हैं।





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