महागठबंधन की बैठक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और वाम दलों के नेता शामिल होंगे। यह बैठक आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और सीट बंटवारे पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जा रही है। वहीं केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इस बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे कोई ठोस परिणाम नहीं निकलेगा।

उन्होंने अपने बयान में कहा, “मूस मोटाइहैं तो लोढ़ा होइहैं,” यह संकेत करते हुए कि जनता बिहार को बंगाल जैसी स्थिति में नहीं देखना चाहती। उनका यह भी कहना था कि तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी सरकार आती है, तो वे बिहार को बंगाल बना देंगे, जो कि जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी.

बता दें मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क गई है। इस हिंसा के चलते कई घर जलकर राख हो चुके हैं। कई लोगों की हत्या हो चुकी है और बड़ी संख्या में हिंदू बंगाली अपने घरों को छोड़कर अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं।

इसी बीच, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी वक्फ कानून का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है, तो इस कानून को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इसी बयान को लेकर तेजस्वी यादव पर हमला किया है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न दलों के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करना है। तेजस्वी यादव ने पहले ही संकेत दिया था कि यदि महागठबंधन सत्ता में आता है, तो वक्फ कानून को लागू नहीं किया जाएगा.

इस संदर्भ में गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि वे बिहार का माहौल खराब करना चाहते हैं और बंगाल जैसी हिंसा को यहां लाना चाहते हैं.

प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी कहा कि महागठबंधन केवल स्वार्थ का गठबंधन है और इसमें कोई स्पष्ट नीति नहीं होगी.

महागठबंधन की बैठक से पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ गया है, जिसमें सभी दल अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।



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