MUZAFFARPUR

बजरंगबली के सामने प्रेमी जोड़े ने रचाई शादी: विरोध में पैर पटकती रही माँ, दूल्हा बोला-कुछ भी हो, अब वो मेरी….

औरंगाबाद में एक प्रेमी जोड़े ने बजरंगबली के मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद कोर्ट परिसर में घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मामला अंतरजातीय विवाह का है।

बताया जा रहा है की जिले के देव प्रखंड के सरगावां निवासी मंजीत चंद्रवंशी और सरेया गांव की रेणु कुमारी, जो पासवान समुदाय से हैं, एक-दूसरे से प्रेम करते हैं। दोनों की मुलाकात चट्टी बाजार स्थित कोचिंग क्लास में पढ़ाई के दौरान हुई थी।

प्रेम संबंधों के बीच मंजीत नौकरी के लिए बेंगलुरु चला गया, जहां वह एक इवेंट कंपनी में शादी समारोहों की प्लानिंग करने लगा। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा।

इस बीच जब रेणु के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, तो मंजीत ने उसे राजस्थान ले जाकर जयपुर में एक कमरे में सिंदूर भरकर शादी कर ली और फिर उसे बेंगलुरु ले गया। लेकिन वहां मंजीत की मौसी ने इस गुपचुप शादी पर आपत्ति जताई और कहा कि कोर्ट मैरिज करके ही उसे साथ रखें। इसके बाद मंजीत रेणु को अपने गांव लाया, जहां परिजनों ने लड़की को घर से निकाल दिया।

स्थिति बिगड़ने पर रेणु ने पुलिस की मदद ली, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में कोर्ट परिसर में ही एक अनोखा विवाह संपन्न हुआ। बिना बैंड-बाजे, बिना बारात, बिना पंडित और सात फेरों के केवल एक सिंदूरदान की रस्म के साथ कोर्ट परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विवाह संपन्न कराया गया। वकील नरेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में शादी का एग्रीमेंट भी तैयार कराया गया। हालांकि, लड़के की मां रीता देवी ने इस शादी को मानने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने पुलिस पर मंजीत की पिटाई का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी बहू को घर में जगह नहीं देंगी क्योंकि वह उनकी जाति की नहीं है। शादी के बाद रेणु ने कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और खुशी-खुशी उसके साथ जीवन बिताएगी।

वहीं मंजीत ने कहा, “रेणु को पहले ही पत्नी के रूप में स्वीकार कर चुका हूं और अब कोर्ट में शादी कर उसे फिर से अपनाया है। भले ही घरवालों को मंजूर न हो, पर मुझे है। मैं उसे पत्नी के रूप में साथ रखूंगा और खुश रखूंगा।”

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.