पटना: वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज दिल्ली से पटना लौटे हैं. पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा है कि विधेयक को लेकर विपक्ष अल्पसंख्यकों के बीच गलत नैरेटिव फैला रहा है, जोकि पूरी तरह से गलत है.

एलजेपीआर चीफ ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है. सीएए कानून के वक्त भी विपक्ष अफवाह फैला रहा था कि मुसलमान की नागरिकता चली जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

वक्फ पर चिराग ने अपने फैसले को सही बताया
चिराग पासवान ने दावा किया कि वक्फ संशोधन बिल समाज के अंतिम पायदान में खड़े मुस्लिम को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि जिन्हें रहने के लिए घर नहीं है और जिनके पास जमीन नहीं है, उसके लिए सरकार ने बहुत कुछ सोचकर इस बिल में संशोधन करने का निर्णय लिया है. इसको लेकर विपक्ष जो नैरेटिव सेट कर रहा है, उसमें विपक्ष कभी भी सफल नहीं होगा.

‘पिता की तरह मुसलमानों की चिता है मुझे’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के मुसलमानों को यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे पिताजी ही ऐसे नेता थे, जो हमेशा समाज को आगे लेकर चलना चाहते थे. 2005 में एक समय ऐसा भी आया था जब हमारे पिताजी ने यहां तक की मांग कर दी थी कि बिहार का मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक समाज से ही होना चाहिए.

चिराग ने कहा कि मैं उन्हीं (रामविलास) का बेटा हूं. हमने भी हमेशा अल्पसंख्यक समाज के लोगों की हित के बारे में सोचा है. मैं दावे के साथ कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी की सरकार भी लगातार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए काम कर रही है. इसलिए चिंता की जरूरत नहीं है.

मुसलमानों से चिराग पासवान की अपील
एलजेपीआर चीफ ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि मैं मुसलमान समाज के हर एक व्यक्ति से कहना चाहता हूं कि आपकी नाराजगी मेरे सर आंखों पर, लेकिन हकीकत है कि मेरे पिता ने भी हमेशा समर्पण भाव से सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने का काम किया था.

मेरी रगों में भी उन्हीं का खून है, उन्हीं के संस्कार हैं. मैं भी उनकी उस सोच को उतनी ही ईमानदारी से आगे लेकर चलने का काम करूंगा.



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