जदयू के बड़बोले विधायक गोपाल मंडल ने एक बार फिर सार्वजनिक रूप से अमर्यादित व्यवहार और भाषाई गरिमा को तार-तार किया है. बिहार के भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक गोपाल मंडल शुक्रवार को पटना जदयू कार्यालय पहुंचे.

यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के बदले वे भाषाई मर्यादा भूल गए. उन्होंने अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना शुरू कर दिया. उनके इस अशिष्ट आचरण से एक बारगी वहां मौजूद पत्रकार भौचक रहे गए और उन्हें इस प्रकार से बातें नहीं करने का अनुरोध किया.

हालांकि इसके बाद भी गोपाल मंडल ने उसी अंदाज में बोलना जारी रखा तो पत्रकारों ने कड़ा ऐतराज जताया. पत्रकारों ने उन्हें मर्यादा बनाए रखने और भाषाई गरिमा बरकरार रखने कहा. इस दौरान गोपाल मंडल से तीखी बहसबाजी भी हुई. पत्रकारों के गुस्से का अंदाजा होते ही गोपाल मंडल के सुर बदल गए और वे तेजी से वहां से भागने जैसी हरकत करने लगे. बाद में वे पार्टी कार्यालय के एक कमरे में प्रवेश कर गए जिसके बाद वहां मौजूद कई अन्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंदर दूसरे कमरे में भेज दिया.

घटना पर पत्रकारों की गहरी आपत्ति जताने के बाद गोपाल मंडल जब बाहर आए तो उनके सुर बदल गए. वे बाद में खुद को बड़ा भाई बताते हुए बोलने लगे कि आप लोग हमसे गुस्सा ना हों. इस दौरान उन्होंने कई सवालों का जवाब भी दिया. साथ ही विनम्रता पूर्वक व्यवहार करते दिखे. वक्फ से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए क्या कुछ नहीं किया। वहीं गोपाल मंडल ने सीएम को लेकर एक बड़ा बयान दिया।

राजद को जवाब
दरअसल, लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल के पास होने के बाद राजद ने सीएम नीतीश पर बड़ा हमला बोला। राजद ने सीएम नीतीश को गिरगिट से तेज रंग बदलने वाला करार दिया।

वहीं जब इसको लेकर गोपालमंडल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुसलमानों को किसी प्रकार का डर नहीं होना चाहिए. साथ ही राजद और कुछ मुस्लिम लोगों के विरोध से बिहार में कोई फर्क नहीं पड़ता है. जदयू का प्रदर्शन इस बार के चुनाव में भी बढ़िया रहेगा.




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