बिहार : बिहार बोर्ड (BSEB) इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के रिजल्ट की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। कॉपियों का मूल्यांकन खत्म होने के बाद अब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने नतीजों को अंतिम रूप देने की अपनी सबसे पुख्ता और पारदर्शी प्रक्रिया यानी ‘टॉपर वेरिफिकेशन’ का आगाज कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिले के अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों से विभिन्न संकायों (विज्ञान, कला और वाणिज्य) के संभावित टॉपर्स को बिहार बोर्ड की ओर से पटना तलब किया गया और उनका कड़ा इंटरव्यू लिया गया। एक वक्त था जब बोर्ड के नतीजों पर सवाल उठते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से बोर्ड ने टॉपर वेरिफिकेशन का जो सख्त सिस्टम लागू किया है, उसने पूरी व्यवस्था को बदलकर रख दिया है। अब सिर्फ असल हकदार और मेहनती छात्र ही टॉपर की कुर्सी तक पहुंच पाता है।

बोर्ड की टीम ने खंगाले स्कूल और प्रैक्टिकल कॉपियां
इंटरव्यू के लिए छात्रों को बुलाने से पहले बिहार बोर्ड की एक विशेष टीम ने पूरी जमीनी तैयारी की। इस टीम ने जिले के कुल 10 स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया और वहां से संभावित टॉपर्स की प्रैक्टिकल कॉपियां अपने कब्जे में लीं। जिन छात्रों पर बोर्ड की नजर थी, उनमें साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों ही स्ट्रीम के परीक्षार्थी शामिल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर जिले से कुल 12 ऐसे मेधावी परीक्षार्थियों की प्रैक्टिकल कॉपियां टीम अपने साथ ले गई है, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अगर स्कूलों की बात करें तो इनमें सबसे ज्यादा कॉपियां मुशहरी और अजीजपुर के स्कूलों से ली गई हैं। बोर्ड की ओर से जो सूची भेजी गई थी, उसमें दो इंटर कॉलेज शामिल हैं, जबकि बाकी के आठ सरकारी प्लस-टू (+2) स्कूल हैं। इसके अलावा वाणिज्य इंटर कॉलेज से कॉमर्स के एक होनहार परीक्षार्थी की कॉपी भी टीम ने अपने साथ ली है।

मुशहरी और अजीजपुर के छात्रों का दिखा जलवा
इस बार के संभावित टॉपर्स की रेस में अजीजपुर और मुशहरी इलाके के छात्रों ने खासा ध्यान खींचा है। अजीजपुर प्लस-टू स्कूल के एक परीक्षार्थी की तीन प्रैक्टिकल कॉपियां बोर्ड की टीम ने तलब की हैं। बताया जा रहा है कि यह परीक्षार्थी साइंस स्ट्रीम का है और इसके मार्क्स काफी शानदार रहे हैं। इसके साथ ही, सुस्ती मुशहरी स्कूल के एक ही रोल नंबर वाले छात्र की चार अलग-अलग सब्जेक्ट कोड की प्रैक्टिकल कॉपियां टीम अपने साथ ले गई। प्रैक्टिकल कॉपियों की बारीकी से जांच करने और थ्योरी के नंबरों से उनका मिलान करने के बाद ही इन होनहार परीक्षार्थियों को बिहार बोर्ड की ओर से औपचारिक तौर पर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।

इंटरव्यू रूम में सवालों की बौछार
जब ये छात्र इंटरव्यू रूम में पहुंचे, तो वहां का माहौल किसी बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम के इंटरव्यू जैसा ही था। बिहार बोर्ड के एक्सपर्ट पैनल ने परीक्षार्थियों से उनके संबंधित विषयों को लेकर कई तीखे और घुमावदार सवाल पूछे। इंटरव्यू देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पैनल ने सिर्फ परीक्षा में आए प्रश्नपत्रों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि किताबों के दूसरे चैप्टर से भी कई सवाल दाग दिए। इसका सीधा सा मकसद यह परखना था कि छात्र ने केवल रट्टा तो नहीं मारा है, बल्कि उसे विषय की कितनी गहरी और बुनियादी समझ है।
इंटरव्यू का सबसे अहम हिस्सा हैंडराइटिंग का मिलान रहा। एक्सपर्ट्स ने छात्रों से उनके हस्ताक्षर करवाए और यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा की कॉपी पर मौजूद हैंडराइटिंग और छात्र की असली हैंडराइटिंग में कोई फर्क न हो। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं हुई, पैनल ने परीक्षार्थियों से हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी कुछ सवालों के जवाब अपनी आंखों के सामने लिखवाए। यह पारदर्शी प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि किसी भी तरह की धांधली या ‘मुन्नाभाई’ जैसी स्थिति को जड़ से खत्म किया जा सके।

जल्द खत्म होगा लाखों छात्रों का इंतजार
छात्रों के चेहरों पर इंटरव्यू के दौरान थोड़ी नर्वसनेस जरूर थी लेकिन एक मजबूत आत्मविश्वास भी झलक रहा था। बिहार बोर्ड जिस सख्ती और ईमानदारी के साथ यह पूरी कवायद कर रहा है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में जो भी नतीजे घोषित होंगे, वो पूरी तरह से दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे। आमतौर पर टॉपर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के दो से तीन दिनों के भीतर ही बोर्ड अपना रिजल्ट जारी कर देता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इंटर परीक्षा के लाखों छात्रों का इंतजार अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। छात्रों को बस अपनी धड़कनों को काबू में रखना है और बोर्ड के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना है।



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