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‘3 घंटे तक बंधक, गाड़ियां तोड़ी..’, बेतिया में गि’रफ्तार करने पहुंची पुलिस पर प’थराव

बेतिया: बेतिया में पुलिस और ग्रामीणों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी. ग्रामीणों ने पुलिस पर झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए पथराव कर दिया. दोनों ओर से भिड़ंत में एक महिला घायल हो गयी है, जिसका इलाज जीएनएमसीएच में चल रहा है. सदर एसडीपीओ विवेक दीप घटनास्थल पहुंच मामले की जांच कर रहे हैं.

वाहन छोड़कर भागी पुलिस

मामला कुमारबाग थाना क्षेत्र के महुआवा गांव का है. बानूछापर थाना पुलिस एक युवक को गिरफ्तार करने पहुंची थी. ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया. हालात ऐसे बन गए कि पुलिसकर्मियों को अपनी गाड़ी वहीं, छोड़कर किसी तरह मौके से निकलना पड़ा. गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस वाहन के शीशे को तोड़ दिए और करीब तीन घंटे तक घेरकर रखा. जब दूसरी पुलिस गाड़ी मौके पर पहुंची तो उसे भी लोगों ने घेर लिया. घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस को गांव में तैनात कर दिया गया है.

गिरफ्तार का विरोध

जानकारी के अनुसार पुलिस भीखम महतो के पुत्र संजय कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा रही थी. इसी दौरान संजय की मां पानमति कुंवर, परिजन और ग्रामीण विरोध करते हुए पुलिस वाहन के सामने आ गए. ग्रामीणों का आरोप है कि बेटे को बचाने के लिए जब संजय की मां पानमति कुंवर पुलिस गाड़ी के सामने आईं तो धक्का लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. घायल महिला को कुछ समय तक पुलिस वाहन में ही रखा गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने पुलिस गाड़ी को घेरकर बंधक बना लिया.

पुलिस पर गंभीर आरोप

संजय प्रसाद कुशवाहा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. कहा कि पुलिस वालों ने उसे पकड़ कर घूमाती रही और खूब मारपीट भी की. कहा कि मैं घर में काम कर रहा था. इसी दौरान बानुछापर थाना की कुछ पुलिस जबरदस्ती घर में घुस गई. चार पुलिस वाले मिलकर मुझे पकड़ लिए और गाड़ी में बैठा लिए. जब मेरी पत्नी और बच्चों ने इसका विरोध किया. गिरफ्तारी के लिए प्रूफ मांगा तो पुलिस वालों ने कहा कि ‘कोई प्रूफ नहीं है, पहले थाना चलो.’

‘पुलिस ने मां पर गाड़ी चढ़ाई’

जब मेरी मां ने इसका विरोध किया तो पुलिस वालों ने मेरी मां पर गाड़ी चढ़ा दिया. वह अस्पताल में गंभीर स्थिति में है. पता भी नहीं है बचेगी या नहीं. इसके बाद मुझे लेकर पुलिस चली गई. पुलिस मुझे गाड़ी में घुमाती रही. तिड़ौतिया चौक पर होते हुए आगे के चौक पर ले गया और मेरे साथ मारपीट की.

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

जब लोगों ने विरोध किया. प्रशासन पहुंचा तब जाकर मुझे छोड़ा गया. प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है. प्रशासन इसका हल निकाले कि पुलिस वालों ने मेरे साथ मारपीट क्यों की. गांव की एक लड़की भागने के मामले में ये सब हुआ है, लेकिन इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है.

झूठे केस में फंसाने का आरोप

इस पूरे मामले में संजय की पत्नी रानी देवी ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी की बेटी के घर से भागने के मामले में उनके पति को जबरन फंसाया जा रहा है. उनका कहना है कि इस घटना से उनके परिवार का कोई लेना-देना नहीं है. रानी देवी ने यह भी बताया कि लड़की वालों ने जीविका समूह से बेटी की शादी के लिए 5000 रुपये उधार ली थी. इसी पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था.

छानबीन कर रही पुलिस

इधर, सूचना पर पहुंचे सदर एसडीपीओ का कहना है कि टीम पैसे के लेन-देन से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए गांव पहुंची थी. इसी दौरान आरोपी के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और हंगामा शुरू हो गया. इसी अफरा-तफरी के दौरान आरोपी की मां घायल हो गईं. फिलहाल घायल महिला का इलाज कराया जा रहा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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