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मुजफ्फरपुर में “पुराना साहेबगंज सड़क बचाव संघर्ष मोर्चा” द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड में कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या–107 के पास पुराना साहेबगंज मुख्य सड़क बंद किए जाने के विरोध में “पुराना साहेबगंज सड़क बचाव संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले स्थानीय लोगों ने शनिवार, 7 मार्च 2026 को समाहरणालय धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांटी सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए और प्रशासन से बंद रास्ते को तत्काल खोलने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस सड़क के बंद होने से सैकड़ों गांवों का शहर से सीधा संपर्क टूट गया है, जिससे आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। लोगों ने बताया कि स्कूल, अस्पताल, न्यायालय, बाजार और कृषि कार्य के लिए शहर आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है, वहीं आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के बाधित होने से कभी भी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

धरना के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जब तक कोई ठोस वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं हो जाता, तब तक जनहित को देखते हुए इस सड़क को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाए। इस बीच जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर मामले को गंभीरता से उठाया है, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित विभाग और रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। वहीं कांटी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष पिनाकी झा ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी जैसी स्थिति कांटी रेलवे गुमटी में उत्पन्न होने से पहले ही रेलवे विभाग को सतर्क होना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि कांटी रेलवे स्टेशन के पूर्वी गुमटी के अंडरग्राउंड पुल को जल्द से जल्द चुस्त-दुरुस्त कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही कांटी बिस्कोमान रेलवे गुमटी से लेकर कांटी रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क पर बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग की गई, क्योंकि अंधेरे के कारण रात के समय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आंदोलनकारियों ने सरकार और रेलवे प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा गया—“संगठित हो, संघर्ष करें और बंद रास्ता खुलवाएं।”

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