बिहार : बिहार में इस साल बसंत ने आते ही अपने मिज़ाज बदल लिए हैं। फरवरी अभी आधा भी नहीं बीता कि मौसम के तेवर तल्ख़ होने लगे हैं। कई जिलों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस की दहलीज़ लांघ चुका है। सुबह-शाम की हल्की गुलाबी ठंड अब महज़ एक तसल्ली भर रह गई है, जबकि दोपहर की धूप अपने तेवर दिखाते हुए वक्त से पहले गर्मी का एहसास करा रही है।

मौसम विभाग के इशारे साफ़ हैं फिलहाल राहत की कोई सूरत नजर नहीं आती। आसमान साफ़ है, बादलों की आवाजाही नदारद है और सूरज की किरनें पूरे शबाब पर हैं। बीते कुछ दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया है। यही वजह है कि दिन ही नहीं, अब रातें भी गर्म होने लगी हैं।

हैरानी की बात यह है कि फागुन की दस्तक के साथ ही गंगा का जलस्तर भी कई शहरी इलाकों में नीचे जाता बताया जा रहा है, जिसे कुछ लोग आने वाली भीषण गर्मी का इशारा मान रहे हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिक इसे फिलहाल सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव बता रहे हैं।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 16 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है। मगर इसका असर बिहार तक पहुंचेगा या नहीं, इस पर अभी तस्वीर साफ़ नहीं है। फिलहाल कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है, लिहाज़ा धूप का सिलसिला बेरोक-टोक जारी है। अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। न घना कोहरा, न बारिश बस खुला आसमान और बढ़ती तपिश।

जिलों की बात करें तो बांका में न्यूनतम तापमान में रिकॉर्ड 4.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात का पारा 20.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पटना, कटिहार और खगड़िया में भी रात का तापमान 15 से 17 डिग्री के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। फिलहाल बसंत की नरमी पर धूप की सख्ती भारी पड़ रही है।



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