मुजफ्फरपुर: सीबीएसई 10वीं और 12 वीं की कॉपी जांच के लिए शिक्षकों को समय पर कार्यमुक्त नहीं किया गया तो उस स्कूल का रिजल्ट रोक दिया जाएगा। इस बार 15 अप्रैल तक 10वीं बोर्ड का रिजल्ट निकल जाएगा। इसे लेकर पहले से दोगुने शिक्षक कॉपी जांच में लगाए जाएंगे। सीबीएसई ने यह निर्देश जारी किया है। इस बार 12 दिन की बजाय 8 दिनों में कॉपी जांच का लक्ष्य रखा गया है। सीबीएसई ने इस संबंध में बुधवार को स्कूलों को पत्र जारी किया। सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही है। 10वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को समाप्त होंगी, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी।

भारत समेत 26 देशों के लगभग 46 लाख छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होंगे। इस वर्ष सीबीएसई की नई पहल इस वर्ष से सीबीएसई ने कई नई पहल की है। इसमें 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा पहली बार ली जा रही है। दूसरी बोर्ड परीक्षा 15 मई से होगी। यह लगभग 15 दिन तक चलेगी। ऐसे में 10वीं बोर्ड का रिजल्ट भी पहले निकाला जाना है। इस तरह रहेगा कॉपी जांच का एसओपी -गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता को कम उत्तर पुस्तिकाएं सौंपी जाएंगी। -मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नियोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम किया जाएगा।
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मार्गदर्शन के लिए छोटे निर्देशात्मक वीडियो तैयार किए गए हैं। मूल्यांकन 8-10 दिनों में पूरा किया जाएगा। पहले 12 और उससे अधिक दिन लगते थे। कॉपी जांच में लगे शिक्षकों को पूर्णकालिक अवकाश -बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि परीक्षकों को मूल्यांकन के सभी दिनों के लिए पूर्णकालिक अवकाश दिया जाए। -शिक्षकों को रिलीविंग प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। -प्रधानाचार्यों को शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपते हुए सुनिश्चित करना होगा कि वे सीबीएसई मानदंडों के अनुसार योग्य और सक्षम हों।

विद्यालयों को छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों को कार्यमुक्त करना होगा। मूल्यांकन के बाद शिक्षकों को कार्यमुक्त करने की जिम्मेदारी मुख्य नोडल पर्यवेक्षक (सीएनएस) की होगी, जो कार्यमुक्ति प्रमाणपत्र जारी करेंगे। परीक्षक नहीं भेजा तो होगी यह कार्रवाई -मूल्यांकन प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास माना जाएगा। -संबंधित स्कूल के परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। -आगे की कार्रवाई परीक्षा-संबद्धता उपनियमों के तहत की जाएगी।




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