बिहार : अशोक गहलोत ने कहा कि हालात पूरे देश में गंभीर हैं। कोई भी आलोचना करता है तो जेल जाना पड़ता है, चाहे पत्रकार हो या फिर ऐक्टिविस्ट। हर कोई बदलाव चाहता है, हमें जनता की इस भावना को समझना होगा। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने आकलन कराया, जिसमें यह निकला कि जनता बदलाव चाहती है।

राहुल गांधी जी की यात्रा में बिहार में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आज जो शक्तियां सत्ता में हैं, उनका लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है। उन्होंने सिर्फ डेमोक्रेसी का मुखौटा लगा रखा है। पिछले बिहार चुनाव में भी हमारा शानदार प्रदर्शन था। फिर लोकसभा चुनाव में हमने उन्हें 240 पर लाकर छोड़ दिया, जो 400 के नारे लगा रहे थे।

पिछले बिहार चुनाव में तो मामूली वोटों के अंतर से वे जीते थे। धन-बल की उनके पास कोई कमी नहीं है। वह चुनाव में हर तरीका अपनाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को खारिज कर दिया, लेकिन उनके पास जो पैसा जमा है, उसका क्या होगा।

उनके पास कई अलग-अलग मॉडल हैं। उनका एक मॉडल चुनाव जीतने का भी है कि झूठे आरोप लगाओ और झूठे वादे और दावे करो। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री से लेकर सभी लोग धन-बल की राजनीति करते हैं। महाराष्ट्र में इन्होंने कैसे चुनाव जीता यह बताने की जरूरत नहीं है। मैं 50 साल से राजनीति कर रहा हूं, लेकिन ऐसा चुनाव आयोग कभी नहीं देखा।

ऐसी बदतमीजी चुनाव आयोग ने कभी विपक्ष के साथ नहीं की। उनके पत्रों की भाषा भी देखने लायक होती है। चुनाव आयोग तो रूस और चीन में भी है, लेकिन जीत एक ही पार्टी की होती है। क्या हम भारत में भी ऐसी ही चुनावी व्यवस्था चाहते हैं।

ऐसी बदतमीजी चुनाव आयोग ने कभी विपक्ष के साथ नहीं की। उनके पत्रों की भाषा भी देखने लायक होती है। चुनाव आयोग तो रूस और चीन में भी है, लेकिन जीत एक ही पार्टी की होती है। क्या हम भारत में भी ऐसी ही चुनावी व्यवस्था चाहते हैं।



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