पुश्तैनी जमीन पर मांग रहा था रिश्वत
शिकायतकर्ता महावीर उपाध्याय ने अपनी पुश्तैनी जमीन के दाखिल-खारिज और ऑनलाइन परिमार्जन के लिए आवेदन किया था. उनकी कुल 165.5 डिसमिल जमीन में से 128.5 डिसमिल का रसीद कट चुका था, लेकिन बचे जमीन के दस्तावेज पूरे करने के लिए राजस्व कर्मचारी राजा कुमार दास ने 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. इससे परेशान होकर महावीर ने निगरानी ब्यूरो से संपर्क किया.

निगरानी ब्यूरो की त्वरित कार्रवाई
महावीर उपाध्याय ने 8 जुलाई को पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज की थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ब्यूरो ने तुरंत जांच शुरू की. जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने पूर्व नियोजित रणनीति के तहत गुरुवार को पीरो अंचल कार्यालय में छापेमारी की और राजा कुमार दास को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया.

रंगे हाथ राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी
निगरानी ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को पीरो अंचल कार्यालय में दबिश दी. जैसे ही राजा कुमार दास ने महावीर उपाध्याय से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई. इस कार्रवाई से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया.
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है. भोजपुर जिले में राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और रिश्वतखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं.

आगे की जांच और कार्रवाई
निगरानी ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि अब इस मामले में गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजा कुमार दास ने और किन मामलों में अवैध वसूली की है. साथ ही, पीरो अंचल कार्यालय के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.


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