पटना: राष्ट्रीय जनता दल से निकाले जाने के बाद विधायक तेजप्रताप यादव को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का साथ मिला है. दोनों नेता के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई है.

इस दौरान विधानसभा चुनाव और भविष्य की राजनीति को लेकर भी चर्चा हुई है. सपा प्रमुख ने उनको लखनऊ मिलने के लिए बुलाया है. वहीं इस बातचीत के बाद कयास लगने लगे हैं कि तेजप्रताप एसपी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं.

तेजप्रताप और अखिलेश में बातचीत: आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे और हसनपुर विधायक तेजप्रताप यादव ने खुद पोस्ट शेयर कर बताया कि बुधवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी मोबाइल पर बातचीत हुई है.

दोनों ने वीडियो कॉल के माध्यम से एक-दूसरे का हाल-चाल जाना. इस दौरान चुनाव लड़ने और भविष्य की राजनीति को लेकर भी चर्चा हुई.

दोनों नेताओं में क्या बातचीत हुई?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तेजप्रताप यादव को विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछा कि इस बार कहां से चुनाव लड़ोगे? इस पर तेजप्रताप यादव ने उन्हें कहा कि बहुत जल्द वह उनसे लखनऊ आकर मुलाकात करेंगे और उनसे सलाह लेंगे.

इस पर अखिलेश यादव कहा कि जब लखनऊ आना होगा तो मुझे बता देना. वीडियो कॉल के दौरान अखिलेश यादव ने अपनी गाड़ी में बैठे दो और सपा नेताओं के साथ उनका परिचय करवाया.

लालू के रिश्तेदार हैं अखिलेश
यूपी के पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और लालू यादव के बीच रिश्तेदारी है. लालू की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी की शादी अखिलेश यादव के भतीजे तेज प्रताप यादव से हुई है. अभी वह करहल से पार्टी के विधायक भी हैं. अक्सर दोनों परिवार के सदस्यों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना होता है. तेजस्वी की शादी में भी अखिलेश और डिंपल यादव शामिल हुए थे.

सोशल मीडिया पर लगातार मुखर
अनुष्का यादव के प्रकरण के बाद जिस तरीके से उनको पार्टी और परिवार से अलग किया गया, उसके बाद लगातार तेजप्रताप यादव कुछ भी कहना होता है तो वह सोशल मीडिया के माध्यम से ही पोस्ट शेयर करते हैं. समय-समय पर वह पोस्ट के जरिए अपने मन की भावना व्यक्त करते रहते हैं.
‘खामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना’
19 जून को तेजप्रताप ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा था कि मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी समझने की भूल करने वालों ये मत समझना कि मुझे तुम्हारी साजिशों का पता नहीं. शुरुआत तुमने किया है लेकिन अंत मैं करूंगा. झूठ और फरेब के बनाये इस चक्रव्यूह को तोड़ने जा रहा हूं. तैयार रहना सच सामने आने वाला है. मेरी भूमिका मेरी प्यारी जनता और माननीय सर्वोच्च न्यायालय तय करेगा, कोई दल या परिवार नहीं.

नई पार्टी नहीं बनाऊंगा
वहीं 13 जून का पोस्ट कर कहा था कि हद हो गई अब तो इस जयचंद ने तो कुछ गोदी मीडिया वालों के साथ मिलकर ये अफवाह भी उड़ा दी है कि मैं कोई नई राजनीतिक पार्टी बना रहा हूं. बिहार की जनता से फिर से यही अपील करूंगा कि ऐसी किसी भी भ्रामक खबरो पर विश्वास नहीं करें. जय हिन्द, जय बिहार, जय राजद.


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