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चुनाव से पहले नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, दिवाली, छठ में करोड़ों खर्च कर लोगों को दी जाएगी ये सुविधा

पटना: सितम्बर में दुर्गा पूजा और अक्टूबर में दिवाली और छठ है. बिहार के लिए दिवाली और छठ की महत्ता खास है. यही कारण है कि दूसरे राज्यों में काम करने गए लोग छठ के दौरान घर वापसी करते हैं. इस दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ होती है. टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है.

फ्लाइट की टिकटों की कीमत भी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन सबके बीच बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने एक और बड़ा तोहफा लोगों को दिया है. जिसके बाद अब बड़े त्योहारों में घर वापसी करने का टेंशन खत्म हो गया है.

नीतीश सरकार का एक और तोहफा

दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बार करोड़ों की लागत से बिहारवासियों के लिए खास इंतजाम किया है. 24 जून 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इसे स्वीकृति दी है. नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी है.

करोड़ों खर्च करेगी सरकार: नीतीश कुमार ने पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार आने वाले लोगों की यात्रा को सुगम बनाने और उनकी सहूलियत के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है. इसी कड़ी में बिहार से जुड़े अंतर्राज्यीय मार्गों पर राज्य सरकार 299 एसी एवं नॉन एसी बसों का परिचालन कराने जा रही है.

राज्य सरकार 75 वातानुकूलित और 74 डीलक्स बसों की खरीद पर 105.82 करोड़ रुपए खर्च करेगी. साथ ही लोक निजी भागीदारी के अन्तर्गत भी 150 अतिरिक्त एसी बसों का परिचालन कराया जाएगा.

अब घर लौटने की नो टेंशन

बिहार सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि दिल्ली-यूपी समेत कई अन्य राज्यों से बिहार आने वाले लोगों के लिए करीब 299 बसें चलायी जाएंगी. पर्व के दौरान यात्रा करने वाले लोगों की परेशानियों को लेकर नीतीश ने कहा कि बिहार के लोग विभिन्न पर्व-त्योहारों खासकर छठ, होली, दीपावली एवं दुर्गा पूजा के अवसर पर काफी संख्या में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल से घर आते हैं. पर्व-त्योहारों के अवसर पर बिहार आने में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

छठ पर्व पर घर लौटते हैं लोग

लोक आस्था के महापर्व छठ के दौरान दूसरे राज्यों में काम करने गए बिहार के लोग अपने घर जरूर आते हैं. इस दौरान ट्रेनों में खचाखच भीड़ होती है. इस बार छठ 25 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. चार दिनों के अनुष्ठान के दौरान लाखों लोग घर वापसी (बिहार) करते हैं.

चलायी जाती है स्पेशल ट्रेन

छठ के दौरान हर साल रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेनें चलायी जाती है. फिर भी कई लोगों को टॉयलेट के बाहर बैठकर सफर करना पड़ता है, टिकट ना मिलना या कंफर्म ना होना इसका कारण होता है.

2024 में भी दिवाली-छठ के दौरान कई स्पेशल ट्रेनें चलायी गई थीं, लेकिन फिर भी ट्रेनों में खचाखच भीड़ देखने को मिली. वहीं फ्लाइट्स की टिकटें चार गुणा तक महंगी हो जाती है. पर्व त्योहारों में बिहार आना काफी महंगा हो जाता है.

चुनाव के दौरान अहम हैं प्रवासी वोटर

बता दें कि बिहार में छठ के बाद चुनाव होने की संभावना है. ऐसे में आयोग सितंबर तक वोटर लिस्ट का काम पूरा करने में लगा है. लाखों प्रवासी वोटर जो दूसर प्रदेशों में रहते हैं, पार्टी के लिए अहम है. ऐसे में सरकार ने इन तमाम चीजों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है.

 

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