मुजफ्फरपुर के कैप्टन निषाद सभागार में ‘अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राम नरेश पंडित ने की। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार कांग्रेस प्रदेश कमिटी के अध्यक्ष राजेश कुमार उपस्थित हुए।

अपने संबोधन में राजेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियाँ दलितों, पिछड़ों और गरीबों के हक और अधिकार के लिए समर्पित हैं।


इस अवसर पर बिहार कांग्रेस के नवनियुक्त अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री शशि भूषण पंडित जी का गरिमामय अभिनंदन किया गया। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ा समाज कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा है और प्रजापति समाज को पहली बार कांग्रेस पार्टी ने नेतृत्व दिया है, जिससे समाज में एक नई आशा का संचार हुआ है।


पूर्व सांसद अजय निषाद ने शशि भूषण पंडित को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी समरस समाज की पक्षधर है, जबकि भाजपा की नीतियाँ अति पिछड़ों को हक और भागीदारी देने में विफल रही हैं। उन्होंने सम्मेलन के माध्यम से यह संकल्प लिया कि बिहार के प्रत्येक जिले में जाकर अति पिछड़ा समाज को संगठित करने का कार्य किया जाएगा।


इस अवसर पर अति पिछड़ा अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुमार बिंदेश्वर ने महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर एनडीए सरकार की तीव्र आलोचना की।

सम्मेलन में अनेकों प्रमुख सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अटल प्रजापति, संजीव कुमार बिट्टू, राजीव कुमार बिट्टू, श्रीमती अंजीरा पंडित, शिवशंकर पंडित,

अनिल पंडित, राजू राम, मुखिया मनोज राम, डॉ. हरिनारायण ठाकुर, जेएनयू के छात्र नेता डॉ. कुणाल ठाकुर, प्रो. हरिशंकर भारती,

रामनाथ पंडित, प्रह्लाद पंडित, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल, संजय सिंह, कृपाशंकर शाही तथा मयंक कुमार मुन्ना जैसे नाम शामिल रहे।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की प्रभावशाली भागीदारी रही और यह सम्मेलन अति पिछड़ा समाज के राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति एक सशक्त स्वरूप में सामने आया।




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