BIHARPATNASTATE

जानिए बिहार NDA में किस पार्टी को मिलेगी कितनी सीटें, आकड़े हैं चौंकाने वाले

पटना : बिहार के राजनीतिक दल चुनावी समर में कूदने को तैयार हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 6 महीने पहले से ही चुनाव की तैयारी में जुटा है. तमाम जिलों में एनडीए का संयुक्त रूप से सम्मेलन आयोजित हो चुका है. हालांकि बिहार एनडीए के लिए सीट शेयरिंग बड़ी चुनौती है. छोटे दलों की बड़ी महत्वाकांक्षा ने परेशानी बढ़ा दी है.

बिहार में छोटे दलों के बड़े मंसूबे

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर पांच घटक दल हैं. तमाम दलों ने हिस्सेदारी को लेकर दावा भी शुरू कर दिया है. दलों के अपने-अपने तर्क भी हैं.

कोई सांसद के अनुपात में विधानसभा टिकट चाहता है, तो कोई अपनी ताकत के हिसाब से दावा कर रहा है. एनडीए के अंदर महामंथन का दौर जारी है.

हालांकि अब तक किसी फार्मूले पर सहमति नहीं बनी हैं. बड़े दल के रूप में भाजपा ड्राइविंग सीट पर है और बड़े भाई की भूमिका में रहना भी चाहती है.

फॉर्मूले को लेकर चल रहा है मंथन

भारतीय जनता पार्टी फिलहाल विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है. भाजपा चाहेगी कि 2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजे और विधायकों की संख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा हो. भाजपा से आधे विधायक होने के बावजूद जदयू या तो बड़े भाई की भूमिका में रहना चाहती है या फिर बराबरी का समझौता करना चाहती है. जनता दल यूनाइटेड लोक सभा चुनाव के नतीजे और टिकट बंटवारे को आधार बनाकर दावा कर रही है.

जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का तर्क ये है कि लोकसभा चुनाव के दौरान विधानसभा क्षेत्र में जिसकी बढ़त है उसको कम से कम उतनी सीटें जरुर मिलनी चाहिए.

एनडीए के कुछ घटक दल स्ट्राइक रेट के हिसाब से भी सीटों का बंटवारा चाहते हैं. हम पार्टी और लोजपा (आर)अपना स्ट्राइक रेट बेहतर मानती है. उसी हिसाब से दावा भी ठोक रही है.

177 विधानसभा क्षेत्र में मिली थी बढ़त

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बिहार में 177 विधानसभा क्षेत्र में बढ़त मिली थी, जबकि महागठबंधन को 66 विधानसभा क्षेत्र में बढ़त मिली थी. जदयू को 74, भाजपा 68, एलजेपीआर को 30 और हम पार्टी को 5 विधानसभा क्षेत्र में बढ़त मिली थी.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.