सीतामढ़ी: अति पिछड़ा आरक्षण बचाओ संघर्ष मोर्चा सीतामढ़ी के तत्वाधान में जिला मुख्यालय आंबेडकर स्थल डुमरा, सीतामढ़ी के प्रांगण में 7 सूत्री मांगों के समर्थन में एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया।

यह मोर्चा के जिला संयोजक राजेंद्र महतो की अध्यक्षता में किया गया। जहां उन्होंने अपने सूत्री मांगों को को इस मोर्चा के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी सीतामढ़ी को ज्ञापन सौंपा।

जिसमे उनका कहना है कि अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षित करीब डेढ़ लाख सीटों को तेली, दांगी एवम अन्य द्वारा हड़प लिया गया है। जिसे सरकार वापस करे।

धरना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ,मोर्चा के प्रदेश संयोजक सह तेली एवं अन्य को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के विरोध में माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य याचिकाकर्ता प्रो किशोरी दास ने संबोधित करते हुए कहा कि, बिहार सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग के सबसे संपन्न एवम मजबूत जाति तेली एवं दांगी को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करना सबसे बड़ी राजनैतिक भूल थी।

उन्होंने कहा कि 2015 के बाद अबतक बिहार के विभिन्न विभागों में करीब बारह लाख बहाली हुई है। जिसमे अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षित करीब डेढ़ लाख सीटों को तेली, दांगी एवम अन्य द्वारा हड़प लिया गया है। अति पिछड़ा वर्ग के एकल पद के लिए आरक्षित मुखिया, प्रमुख, जिप अध्यक्ष, मेयर बीपीएससी, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार टेक्निकल आयोग, दारोगा, पुलिस शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर, सहित विभिन्न आरक्षित सीटों पर 75% सीटों पर तेली एवं दांगी का एकाधिकार हो गया । उन्होंने तेली एवं दांगी द्वारा हड़पे गए आरक्षित सीटों को जननायक कर्पूरी जी के हिन्दू एवम् मुस्लिम के 110 मूल अति पिछड़ा वर्ग को वापस करने की मांग की।

विशिष्ट अतिथि मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक शिवपूजन ठाकुर ने कहा कि , नीतीश जी के अति पिछड़ा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के मूल अति पिछड़ा वर्ग की कमर तोड़ दी। नीतीश जी के राजनैतिक जीवन की सबसे बड़ी गलती है। जिसको अपने कार्यकाल में सुधारने की मांग की।

श्रवण सहनी नेकहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर ओबीसी के वर्गीकरण के लिए रोहिणी आयोग की अनुशंसा को प्रकाशित कर लागू करना ही जननायक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।सिकंदर महतो ने केंद्र सरकार से बिहार में 65% आरक्षण लागू करने हेतु 9 वी अनुसूची में डालने की मांग की।

राघव प्रसाद पूर्व मुखिया ने कहा कि, भीख नहीं अब भागीदारी, सत्ता में भी हिस्सेदारी। सभी राजनैतिक दलों से आगामी विधान सभा चुनाव में मूल अति पिछड़ा वर्ग से हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की।

असगर अली अंसारी ने कहा कि, जननायक के मूल अति पिछड़ा के दुर्दशा का मुख्य कारक दबंग पिछड़े वर्गों के शासक जातियों के क्षत्रप नेता हैं। यही लोग ओबीसी के वर्गीकरण एवम न्याय के खिलाफ है।

भिखारी शर्मा ने कहा कि, नीतीश सरकार द्वारा पुनः व्यावसायिक जाति के सूरी, कलवार एवं अन्य को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की योजना आत्मघाती कदम होगा। राहुल कुमार मंडल ने सभी 110 हिन्दू एवम् मुस्लिम मूल अति पिछड़ा वर्ग के बुद्धिजीवियों से मूल अति पिछड़ा विरोधी दलों को सबक सिखाने का आह्वान किया।

धरना में महेश मुखिया, गगनदेव चंद्रवंशी, शिवनाथ कुमार, दशरथ ठाकुर ,अरविंद ठाकुर ,सुशीला देवी, संजय कुमार चंद्रवंशी,पूनम देवी, मंजू देवी, सियाराम दास, महंत मुखिया, रामजीवन साह, हकीम राईन ,दिगंबर शर्मा ,मिथुन कुमार, सोना देवी, सुरेश पंडित,

तारकेश्वर मंडल ,नयन महतो, विनोद चंद्रवंशी ,रंजन चंद्रवंशी, मुकेश महतो ,सुधीर महतो, श्याम बिहारी पंडित,रामपरी देवी, कविता देवी चंचला देवी, मासूम आलम, मो दिलशाद, अली अफसर, मो मोइन, सजीब इकबाल ,जब्बार अंसारी, सुरेश ठाकुर, सुनील शर्मा ,राजनंदन ठाकुर, नवल मंडल,अरविंद कुमार ,गोपाल साह, संजीत रावत, दिनेश कापर, विनोद पाल, शिवजी भंडारी, दिनेश शर्मा, अख्तर मंसूरी, बाबू लोहार,सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।



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